गोरखपुर में सोने-चांदी पर आयात शुल्क का असर, कारोबारियों और ग्राहकों पर बढ़ा बोझ

 सोने-चांदी के आयात शुल्क में हुई बढ़ोतरी का असर अब शहर के सराफा बाजार में साफ दिखने लगा है। शादी-विवाह के मौजूदा सीजन में जहां आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है, वहीं सराफा कारोबारियों के सामने बिक्री घटने और कार्यशील पूंजी के संकट जैसी चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।

बाजार में ग्राहकों की भीड़ तो दिख रही है, लेकिन खरीदारी पहले की तुलना में काफी सीमित हो गई है। सराफा कारोबारियों का कहना है कि शुल्क बढ़ने के बाद सोने की कीमतों में अचानक तेजी आई है। इससे मध्यमवर्गीय परिवार सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। पहले जहां लोग शादी में भारी आभूषण खरीदते थे, अब वे हल्के वजन या कम कैरेट वाले गहनों की ओर रुख कर रहे हैं।

परम्परा जेम्स एंड ज्वेल्स के निदेशक संजय अग्रवाल ने कहा कि आयात शुल्क में बढोतरी से करीब 30 से 35 प्रतिशत तक बिक्री प्रभावित हुई है। इसे देखते हुए मैंने कारोबार को बचाए रखने के लिए अब दुकानदार एक्सचेंज आफर और पुराना सोना देकर नया गहना बनवाइए जैसी स्कीम दिया हूं। इससे ग्राहक पर तत्काल नकदी का दबाव कम पड़ेगा और बाजार में कुछ हद तक बिक्री बनी रहेगी।

ऐश्प्रा जेम्स एंड ज्वेल्स के निदेशक अनूप सराफ ने कहा कि आयात शुल्क के कारण सोने-चांदी में अचानक आई तेजी से लोग खरीदारी करने से बचने लगे हैं। इससे करीब 30 से 40 प्रतिशत कारोबार प्रभावित हुआ है। वर्तमान स्थिति को देखते हुए पुराना आभूषण देकर नया लेना लाभदायक है। मैंने एक बचत योजना भी लागू की है, जिसमें पैसा देकर ग्राहक अपना रेट बुक कर सकते हैं और एक वर्ष बाद उसी पैसे से आभूषण की खरीदारी कर सकते हैं।

हल्के आभूषणों की बढ़ी मांग
बढ़ती कीमतों के बीच 18, 14 व नौ कैरेट के हल्के आभूषणों की मांग तेजी से बढ़ने लगी है। खासकर युवा ग्राहक डिजाइनर लेकिन कम वजन वाले गहनों को प्राथमिकता दे रहे हैं। कई परिवार अब पुराने गहनों को गलवाकर नए डिजाइन तैयार करा रहे हैं। शहर के रुस्तमपुर निवासी अभिषेक गुप्ता, जिनके घर नवंबर में शादी है, बताते हैं कि पिछले वर्ष जिस बजट में खरीदारी की योजना बनाई थी, अब उसी में आधा सामान भी मुश्किल हो रहा है।

परिवार ने फिलहाल नए भारी गहनों की जगह पुराने गहनों को री-डिजाइन कराने का फैसला किया है। वहीं, शाहपुर क्षेत्र की नीलम अग्रवाल का कहना है कि बेटी की शादी में सोना देना सामाजिक परंपरा बन चुका है। कीमतें बढ़ने के बावजूद लोग पूरी तरह खरीदारी रोक नहीं सकते, इसलिए बजट में कटौती कर दूसरे खर्च कम किए जा रहे हैं।

सर्राफा मंडल का पुराने सोने के विनिमय को बढ़ावा देने पर जोर
सोने के आयात शुल्क बढ़ने को लेकर सर्राफा मंडल गोरखपुर ने संतुलित समाधान का प्रस्ताव रखा है। सर्राफा मंडल अध्यक्ष गणेश वर्मा ने कहा कि यदि खरीदारी पूरी तरह प्रभावित होती है तो सबसे अधिक संकट उन कारीगरों और श्रमिकों पर आएगा, जिनकी आय प्रतिदिन के काम पर निर्भर करती है। ऐसे में व्यापार और रोजगार दोनों को बचाए रखने के लिए ग्राहकों को पुराने सोने के विनिमय के माध्यम से नए आभूषण खरीदने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।

नेपाल सीमा व दुबई से तस्करी बढ़ने की आशंका
गोरखपुर और आसपास के क्षेत्रों में नेपाल व दुबई से सोने की अवैध तस्करी बढ़ने की आशंका भी गहराने लगी है। कारोबारी मानते हैं कि जब भी सोने पर शुल्क बढ़ता है, ग्रे मार्केट सक्रिय होने लगता है। आर्थिक जानकारों का कहना है कि यदि कीमतों में तेजी और लंबे समय तक बनी रही, तो आने वाले महीनों में उपभोक्ताओं की खरीदारी की आदतों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

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