‘उम्मीद नहीं थी कि बच जाएंगे…’, आंधी में 50 फीट हवा में कैसे उड़ गए बरेली के नन्हे मियां? बताई पूरी बात

 तेज आंधी में जान गंवाने वाले चार लोगों के स्वजन को प्रशासन ने आर्थिक मदद उपलब्ध कराई है। इसके साथ ही पशुओं के मरने पर भी मुआवजा दिया है। प्रदेश में सबसे जल्द बरेली में पीड़ितों को राहत उपलब्ध कराई गई है।

बुधवार को सुबह और शाम करीब 70 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली आंधी ने जिले में तबाही मचा दी। आंवला तहसील के गांव हर्रामपुर में सातवीं की छात्र देवकी बाग में थी। आंधी आने पर वह एक पेड़ की आड़ में बैठी। आंधी में वह पेड़ गिर गया जिसके नीचे दबकर देवकी की मौके पर मौत हो गई।

बुधवार शाम आई थी तेज आंधी

नितोई गांव में बुजुर्ग गोमती देवी अपनी बेटी के घर जा रही थीं। आंधी में एक ग्रामीण के मकान की बल्ली से बिखरी ईंटें उनके सिर पर जा लगीं। गहरी चोट लगने से उन्होंने दम तोड़ दिया। आंवला के बेहटा जुनू मुहल्ले में टीन शेड के नीचे बैठी लीपी देवी की टीनशेड में दबने से मौत हो गई।

नंदगांव में दीवार गिरने से घासीराम की जान चली गई। पेड़ों के नीचे दबने से दरावनगर में दो, तजपुरा नवदिया, नौगवां ठाकुरान व सरदारनगर में एक-एक पशु समेत नौ पशुओं की मौत हो गई। प्रशासन ने तत्काल एसडीएम और नायब तहसीलदार को लगाया।

पुलिस ने देवकी और लीपी का पोस्टमार्टम कराया। अन्य दोनों के स्वजन ने पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया। प्रशासन ने गुरुवार को लीपी देवी और देवकी केस्वजन को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक मदद उपलब्ध करा दी है। इसके साथ ही पशुओं की मौत पर पशुपालकों को 33550 रुपये दिए हैं। इसके साथ ही जिन 30 लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हुए, उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ देने को चुना है।

हवा में उड़ने वाले नन्हें को चार हजार रुपये की मदद

आंवला के गांव बामियान में आंधी से एक टीन उड़ गई, जिसके साथ वहां के नन्हें भी उड़कर दूर जा गिरे। इससे वह घायल हो गए, जिन्हें देवचरा स्थित बीके पलक अस्पताल में भर्ती कराया गया।

आंधी में 50 फीट ऊपर उड़ने वाले नन्हे ने बताया, ‘उम्मीद नहीं थी कि बच पाऊंगा। टिन शेड के साथ ही लगकर मैं भी खड़ा था। तेज आंधी आई और टिन शेड हवा में उड़ गया था। तेज हवा के कारण जब टिन शेड उड़ा तो उसी दिशा में मैं भी चला गया।’

पुलिस का कहना है कि प्रसारित वीडियो में ऐसे लग रहा है कि नन्हे भी उड़ रहे हैं। प्रशासन ने उन्हें दैवीय आपदा के तहत मिलने वाली चार हजार रुपये की आर्थिक मदद दी गई है। एसडीएम विदुषी सिंह ने बताया कि नन्हें का आयुष्मान कार्ड बना हुआ है, जिससे उनका इलाज चल रहा है।

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