रसोई गैस सिलिंडर की होम डिलीवरी व्यवस्था शोहरतगढ़ क्षेत्र में पूरी तरह लड़खड़ा गई है। उपभोक्ताओं को समय पर गैस नहीं मिल रही, जबकि एजेंसी कर्मचारियों पर होम डिलीवरी शुल्क के नाम पर अतिरिक्त धन वसूलने के आरोप लग रहे हैं। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
बढ़नी स्थित एक गैस एजेंसी के उपभोक्ताओं का आरोप है कि बुकिंग के कई दिनों बाद भी सिलिंडर घर तक नहीं पहुंचाया जा रहा। मजबूरी में महिलाओं और बुजुर्गों को एजेंसी गोदाम तक जाकर खुद सिलिंडर ढोना पड़ रहा है।
दुधवनिया निवासी अन्नू ने बताया कि शिकायत करने पर कर्मचारी संतोषजनक जवाब देने के बजाय अभद्र व्यवहार करते हैं। इसकी शिकायत एसडीएम से भी की गई, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
उपभोक्ता रामेश्वर चौधरी, राजीव त्रिपाठी, मोहित साहू और संजय जायसवाल समेत कई लोगों का आरोप है कि डिलीवरी कर्मी निर्धारित शुल्क से अधिक रुपये मांगते हैं। पैसा न देने पर सिलिंडर पहुंचाने में आनाकानी की जाती है।
जानकारी के अनुसार, सात किलोमीटर के दायरे में गैस सिलिंडर की कीमत 983.50 रुपये निर्धारित है, जिसमें होम डिलीवरी शुल्क भी शामिल है। प्रति सिलिंडर एजेंसी को अलग से 31 रुपये कमीशन मिलता है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को स्वयं एजेंसी पहुंचना पड़ रहा है। मार्च में एजेंसी को करीब 5400 और अप्रैल में लगभग 5700 सिलिंडर वितरण के लिए मिले थे, जबकि सामान्य दिनों में यह संख्या सात से आठ हजार तक रहती थी।उप जिलाधिकारी विवेकानंद मिश्रा ने बताया कि शिकायत मिली है। मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं आपूर्ति निरीक्षक राणा प्रताप सिंह ने कहा कि लिखित शिकायतों के आधार पर एजेंसी संचालक और कंपनी को नोटिस जारी किया जा रहा है।


