स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगर निगम शहर में 10 से 15 पिंक टाॅयलेट का बनाने की योजना बना रहा है। पिंक टाॅयलेट बनाने के लिए जल्द नगर निगम स्थानों का निर्धारण किया जाएगा। इस पर दो से तीन करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की जाएगी।
शहर के इन इलाकों में 3 माह में बनेगा पिंक टाॅयलेट
शहर में सार्वजनिक शौचालय 150 से अधिक है लेकिन महिलाओं के लिए पिंक टाॅयलेट महज दो से तीन ही है। शहर के प्रमुख बाजारों में खरीदारी करने आने वाली महिलाओं को लघु और दीर्घशंंका के लिए परेशान होना पड़ता है। महिलाओं की समस्या को देखते हुए चौक, घंटाघर, तेलियरगंज, धूमनगंज, सलोरी, एलनगंज, सिविल लाइंस, राजापुर, राजरूपुपुर, अटाला आदि क्षेत्रों में पिंक टाॅयलेट का निर्माण किया जाएगा। चार से पांच सीट वाले पिंक टाॅयलेट का निर्माण दो से तीन माह में पूरा किया जाएगा।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत निर्माण
स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर के प्रमुख बाजारों में पांच सीटर वाले पिंक टॉयलेट का निर्माण प्राथमिकता के साथ किया जाएगा। एक पिंक टाॅयलेट बनाने में 10 से 15 लाख रुपये का खर्च आएगा। सिविल लाइंस क्षेत्र में तो कई शौचालय हैं लेकिन पिंक टाॅयलेट मेडिकल काॅलेज चौराहा के पास है।
पार्काें में भी बनेगा पिंक टॉयलेट
झूंसी में भी पिंक शौचालय का निर्माण किया गया था। हालांकि मार्ग चौड़ीकरण की जद में आने से क्षतिग्रस्त हो गया। नगर निगम पार्कों और प्रमुख बाजारों में पिंक टाॅयलेट का निर्माण कराएगा। नगर निगम की सहायक नगर आयुक्त दीपशिखा पांडेय का कहना है कि पिंक टऍयलेट बनाने की योजना बनाई जा रही है। जल्द ही सर्वे करके प्रमुख बाजारों और स्थानों पर निर्माण कराया जाएगा।


