अब खाना बनाना थोड़ा और महंगा हो गया है। घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई है, जिससे जिले के करीब 52 हजार उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।
पहले जहां उपभोक्ताओं को 48.5 रुपये प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (एससीएम) की दर से भुगतान करना पड़ता था, वहीं अब नई दर 50.5 रुपये प्रति एससीएम कर दी गई है। नई कीमतें आठ मई 2026 से लागू हो गई हैं।
52 हजार घरों का बिगड़ेगा बजट
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान-इजरायल-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अब घरेलू रसोई तक पहुंचने लगा है। वैश्विक बाजार में गैस और ऊर्जा कीमतों में उथल-पुथल के बीच रुपये की कमजोरी ने आयातित गैस को और महंगा कर दिया है। इसका असर सीधे पीएनजी दरों पर दिखाई दिया है।
हर महीने बढ़ेगा गैस बिल
शहर में बड़ी संख्या में मध्यमवर्गीय परिवार पीएनजी का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में हर महीने आने वाला गैस बिल अब पहले से अधिक होगा। खासकर संयुक्त परिवारों और अधिक गैस खपत वाले घरों में अतिरिक्त बोझ साफ महसूस किया जाएगा।
फिलहाल सीएनजी और एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ
हालांकि, राहत की बात यह है कि फिलहाल सीएनजी और एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। पीएनजी को सुरक्षित, सुविधाजनक और लगातार सप्लाई वाला विकल्प मानकर लोगों ने कनेक्शन लिए हैं, लेकिन बढ़ती कीमतों ने उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है।
अब गैस महंगी होने से रसोई का संतुलन बनाना और मुश्किल होगा
गृहिणियों का कहना है कि पहले ही सब्जी, दूध और राशन की कीमतें बढ़ी हुई हैं, अब गैस महंगी होने से रसोई का संतुलन बनाना और मुश्किल होगा।
टोरेंट के एजीएम दीपक शर्मा ने बताया कि पीएनजी के दाम बढ़ने के कई कारण हैं। नए रेट आठ मई से लागू कर दिए गए हैं। सीएनजी के दामों में अभी कोई असर नहीं पड़ा है।


