बीते गुरुवार को भंडरिया थाना क्षेत्र के अजगरवा जंगल में आपसी दुश्मनी को लेकर हुए हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए भंडरिया थाना प्रभारी सह पुलिस निरीक्षक सुभाष कुमार पासवान ने रोदो गांव से चार आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
इस बाबत पुलिस उपाधीक्षक रोहित रंजन सिंह ने सोमवार को अपने कार्यालय वेश्म में आयोजित प्रेस वार्ता में जानकारी देते हुए बताया कि बीते पांच फरवरी को रोदो गांव निवासी 35 वर्षीय बिरेंद्र कोरबा की गला दबा कर हत्या किए जाने के मामले में मृतक के चचेरे भाई कईल कोरबा ने थाना में आवेदन देकर कार्रवाई की गुहार लगाई थी।
उसके आवेदन पर तत्काल कार्रवाई करते हुए हत्याकांड की गुत्थी सुलझाते हुए रोदो गांव निवासी सुरेश भुंइयां, अजय भुइयां, राजनाथ भुइयां तथा सीताराम भुइयां को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस उपाधीक्षक ने बताया कि उक्त चारों आरोपितों द्वारा योजना बनाकर पुरानी रंजिश के तहत बिरेंद्र कोरबा की हत्या कर शव को अजगरवा जंगल में छिपा दिया गया था।
उन्होंने बताया कि पिछले पांच फरवरी को मृतक बिरेंद्र कोरबा अपनी साइकिल से बिराजपुर बाजार गया हुआ था। बाजार से घर लौटते समय वह अकेला था।
इसी दौरान रास्ते में सुनसान जंगल पाकर अजगरवा जंगल के घात लगाए बैठे उक्त चारों आरापितों ने उसे कब्जे में लेकर झाड़ी में ले जाकर गला दबाकर हत्या कर दी एवं शव को छुपाने की नियत से घटना स्थल से काफी दूर घने जंगल में शव को छिपा कर फरार हो गए।
डीएसपी ने बताया कि घटना का अनुसंधान के क्रम में हत्यारों का पता चला तथा उनकी गिरफ्तारी के बाद घटना में प्रयुक्त हुए होंडा साइन मोटरसाइकिल, तीन मोबाइल तथा मृतक का साइकिल बरामद किया गया है।
बिरेंद्र कोरबा, हत्याकांड के पर्दाफाश के लिए पुलिस उपाधीक्षक द्वारा गठित टीम में पुलिस निरीक्षक सुभाष कुमार पासवान, पुलिस अवर निरीक्षक दिलीप कुमार रंजन, किशोर कुमार, संतु सिंह एवं नंद कुमार रवि सहित भंडरिया थाना के आरक्षियों को शामिल किया गया था। उन्होंने बताया कि आवश्यक प्रक्रिया पूरा करने के बाद सभी आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।


