उत्तराखंड की जेलों में घटी ओवरक्राउडिंग, पांच साल में हालात में बड़ा सुधार

उत्तराखंड की जेलों में बंदियों की बढ़ती संख्या और ओवरक्राउडिंग की समस्या में पिछले पांच वर्षों के दौरान उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।

कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021 में जहां राज्य की जेलों में ओवरक्राउडिंग 185 प्रतिशत तक पहुंच गई थी, वहीं वर्ष 2026 में यह घटकर 118.7 प्रतिशत रह गई है।

उत्तराखंड में कुल 12 जेल

प्रदेश में इस समय 12 जेल हैं। इन जेलों में हमेशा से ही इनकी क्षमता से अधिक कैदी बंद रहे हैं। इसका अंदाजा इस बात से लगाता जा सकता है कि वर्ष 2021 में जेलों की कैदी रखने की कुल क्षमता 3741 के सापेक्ष 6921 कैदी बंद थे। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने जेलों में अवस्थापना विकास कार्यों, नई बैरकों के निर्माण और विभिन्न विधिक प्रविधानों के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया। इससे स्थिति में लगातार सुधार हुआ है।

कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार राज्य में ओवरक्राउडिंग कम करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उप कारागार हल्द्वानी में नई बैरकों का निर्माण, जिला कारागार हरिद्वार में उच्च सुरक्षा बैरक का निर्माण तथा पिथौरागढ़ जिला कारागार को पूर्ण कर क्रियाशील किया गया है। इसके अलावा देहरादून और हरिद्वार की जेलों में बैरकों के विस्तार तथा सितारगंज केंद्रीय कारागार के विस्तार का कार्य भी चल रहा है।

विभाग का दावा है कि इन निर्माण कार्यों के पूरा होने के बाद करीब 926 अतिरिक्त बंदियों की क्षमता विकसित हो जाएगी। साथ ही उत्तरकाशी, बागेश्वर और रुद्रप्रयाग में नए जिला कारागारों के निर्माण की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। जेलों में भीड़ कम करने के लिए विधिक और प्रशासनिक स्तर पर भी कई कदम उठाए गए हैं।इसके तहत विचाराधीन बंदियों की निजी मुचलके पर रिहाई, जमानत नहीं दे पाने वाले बंदियों को शार्ट टर्म बेल दिलाने, आजीवन कारावास की सजा काटने वालों की समयपूर्व रिहाई और केंद्र सरकार की सपोर्ट टू पूअर प्रिजनर्स स्कीम के तहत आर्थिक रूप से कमजोर बंदियों की जमानत राशि जमा कराने जैसी व्यवस्थाओं का असर भी जेलों में दिखाई दिया है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सरकार के लगातार प्रयासों के चलते राज्य की जेलों में बंदियों की ओवरक्राउडिंग की समस्या में लगातार कमी आ रही है।

जेलों में वर्षवार कैदियों की स्थिति

  • वर्ष 2021- 6921 – 185 प्रतिशत
  • वर्ष 2022 – 6858 – 183.3 प्रतिशत
  • वर्ष 2023 – 6885 – 183.1 प्रतिशत
  • वर्ष 2024 – 5548 – 141.5 प्रतिशत
  • वर्ष 2025 – 4912 – 124 प्रतिशत
  • वर्ष 2026 – 4703- 118.7 प्रतिशत

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