विकास क्षेत्र के घोसिला गांव स्थित मत्स्य पालन केंद्र में सोमवार की सुबह लगभग 9 बजे शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लग गई। इस आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे लाखों रुपए का सामान जलकर नष्ट हो गया। आग की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने घंटों की मेहनत के बाद किसी तरह से आग पर काबू पाया।
मत्स्य पालन केंद्र की संचालिका प्रभा सिंह, जो डाक्टर तेग बहादुर सिंह की पत्नी हैं, ने बताया कि इस अग्निकांड में लगभग 10 से 12 लाख रुपए के सामान एवं उपकरण जलकर खाक हो गए हैं। आग लगने के समय केंद्र में मौजूद प्लास्टिक सामान, मोटर, स्टार्टर, स्मार्सेबल, कुर्सी, पंखा, कमरा, बरामदा का तिनसेट, रस्सी, ऑक्सीजन सप्लाई मशीन, मछली पकड़ने की बड़ी जाल, प्लास्टिक पाइप, विद्युत केबल, वॉटरपंप, मोनोब्लॉक, और अन्य कीमती सामान पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं।
घटना के समय स्थानीय ग्रामीणों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन उनकी कोशिशें सफल नहीं हो पाईं। इसके बाद, ग्रामीणों ने फायर ब्रिगेड को सूचित किया, जो तुरंत मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पाने के लिए काफी मेहनत की और अंततः आग को बुझाने में सफल रही।
इस घटना के बाद मौके पर पुलिस भी पहुंची और उन्होंने आग लगने के कारणों का मुआयना किया। प्रारंभिक जांच के अनुसार, आग लगने का कारण विद्युत शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और नुकसान का आकलन करने के लिए एक टीम गठित की है। मत्स्य पालन केंद्र का यह अग्निकांड न केवल संचालिका और उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे गांव के लिए एक बड़ा झटका है।
इस केंद्र पर स्थानीय मछुआरों को रोजगार मिलता था और यह क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था। आग लगने से प्रभावित हुए सामान की भरपाई और पुनर्निर्माण के लिए संचालिका ने प्रशासन से सहायता की मांग की है। इस घटना ने यह भी दर्शाया है कि आग सुरक्षा के उपायों की कितनी आवश्यकता है। स्थानीय लोगों ने आग लगने के बाद सुरक्षा उपायों को लेकर चिंता व्यक्त की है और प्रशासन से उचित कदम उठाने की अपील की है। घोसिला गांव का मत्स्य पालन केंद्र फिलहाल एक गंभीर संकट का सामना कर रहा है।


