गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में 16 अप्रैल को हुए प्रदर्शन और पूर्व उपमुख्यमंत्री व जजपा नेता दुष्यंत चौटाला से पुलिस विवाद के मामले को लेकर सोमवार को शहर के क्रांतिमान पार्क में छात्र हित महापंचायत का आयोजन किया गया।
पंचायत में प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों से करीब 17 छात्र संगठनों के नेता और संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े करीब दो हजार लोग पहुंचे। इस दौरान छात्र हितों व किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।
‘अलग-अलग विश्वविद्यालयों में अलग-अलग फीस ली जा रही’
महापंचायत में छात्र नेता हरिकेश ने कहा कि इस तरह का मामला पहली बार नहीं हुआ है। हाल ही में हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में भी छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई थी। उन्होंने कहा कि अलग-अलग विश्वविद्यालयों में अलग-अलग फीस ली जा रही है, जिससे छात्रों में असंतोष बढ़ रहा है।
जब छात्र इन मुद्दों का विरोध करते हैं तो उन्हें सस्पेंड कर दिया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल गमले टूटने की घटना पर ही सीआईए की रेड की गई, जो छात्रों के प्रति सख्त कार्रवाई का उदाहरण है।
महापंचायत में दुष्यंत चौटाला, दिग्विजय चौटाला, जितेंद्र श्योराण, उमांशी लांबा, इंडियन नेशनल लोकदल के डा. अजय चौटाला और अज्जू समेत प्रदेशभर से किसान संगठनों से जुड़े कई लोग पहुंचे।
पंचायत में शामिल हुए कई संगठन
वक्ताओं ने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान संवाद के माध्यम से किया जाना चाहिए। पंचायत में शामिल संगठनों ने भविष्य में भी छात्रों के हितों की आवाज बुलंद करने का संकल्प लिया।
पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने किसान नेताओं, खाप प्रतिनिधियों, राज्य के सभी सरपंचों सहित तमाम राजनेताओं से छात्र हित में महापंचायत में शामिल होने का आग्रह किया था। हिसार घटनाक्रम के बाद जजपा नेताओं की अरविंद केजरीवाल, पप्पू यादव, नरेश टिकैत, अखिलेश यादव और रणजीत सिंह से मुलाकात भी हुई।
कई दलों का मिला साथ
सांसद चंद्र शेखर आजाद, हरेंद्र सिंह मलिक, दीपेंद्र सिंह हुड्डा, राजा वडिंग, कुमारी सैलजा, चौधरी बीरेंद्र सिंह, कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया, भरत सिंह बेनीवाल, इनेलो विधायक आदित्य देवीलाल, कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स, अशोक अरोड़ा, रामकरण काला, अकरम खान और इनेलो नेत्री सुनैना चौटाला ने महापंचायत का समर्थन करते हुए सीबीआइ पुलिस की कार्रवाई का कड़ा विरोध किया है।


