ऊंचाहार रेलवे स्टेशन परिसर में बने करीब 30 वर्ष पुराने 110 रेलवे आवासों का मामला एक बार फिर तूल पकड़ने लगा है। ये आवास निर्माण के बाद से ही बदहाल स्थिति में पहुंच गए थे और रेलवे विभाग को हैंडओवर से पहले ही जर्जर हो गए थे।
वर्ष 2022-23 में इन आवासों को आधिकारिक रूप से जर्जर घोषित कर दिया गया था। इसके बाद रेलवे प्रशासन ने यहां रह रहे बाहरी लोगों को हटाकर दरवाजे, खिड़कियां और अन्य उपयोगी सामग्री निकलवा ली थी। साथ ही आवासों को ध्वस्त करने के आदेश भी जारी किए गए थे। उस दौरान जेसीबी मशीन लगाकर कुछ स्थानों पर तोड़फोड़ की कार्रवाई भी की गई, लेकिन बाद में यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया। अब एक बार फिर इन खंडहरनुमा आवासों को गिराने के प्रयास जारी हैं।
ऊंचाहार रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) पोस्ट प्रभारी निरीक्षक ने इस संबंध में उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी है। रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि लंबे समय से खाली पड़े इन जर्जर आवासों में आपराधिक गतिविधियों की आशंका बनी हुई है, जो सुरक्षा के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय है।
इसके साथ ही यह रिपोर्ट क्षेत्रीय सहायक मंडल अभियंता, प्रयागराज को भी प्रेषित की गई है, ताकि जल्द से जल्द आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
आरपीएफ पोस्ट प्रभारी निरीक्षक एसके सिंह का कहना है कि बदहाल आवासों को गिराने के लिए रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को भेजी गई है। उधर, सहायक मंडल अभियंता पवन कुमार का कहना है कि बदहाल आवासों को गिराने के बाद वहां पर नए आवासों को बनाने के लिए मामला प्रक्रिया में है। जल्द टीम भेज बदहाल आवासों को जेसीबी के माध्यम से गिराया जाएगा।


