मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ को नसीहत देते हुए कहा कि वह भारत पर ध्यान देने के बजाय अपने मुल्क में हालात सुधारने पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि वह कोलकाता तक पहुंचने की बात करते हैं, लेकिन आपरेशन सिंदूर में वह हमारे देश की राजधानी तक तो दूर जम्मू तक बहुत मुश्किल से पहुंच पाए थे।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने गत दिनों सियालकोट में पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि अगर भारत फिर से हमला करता है तो इस बार जंग सिर्फ बार्डर या एलओसी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पाकिस्तान कोलकाता तक पहुंच सकता है। यहां एक क्रिकेट प्रतियोगिता का उद्घाटन करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में उमर ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री के बयान पर कहा कि उन्हें याद रखना चाहिए कि आपरेशन सिंदूर को पूरा हुए अभी एक साल भी नहीं हुआ है।
भारत के साथ रिश्तों को सुधारने की कोशिश करें
क्यों हमें मजबूर कर रहे हैं कि हम उन्हें याद दिलाएं कि किस तरह के हालात बने हुए थे। कोलकाता तो दूर की बात, वह मुश्किल से जम्मू तक पहुंचे। जम्मू में भी वह कुछ खास नुकसान नहीं कर पाए। मुल्क की राजधानी तक तो पहुंच नहीं पाए कोलकाता पहुंचने का ख्बाब मुझे लगता है कि उन्हें भूल जाना चाहिए।
उमर ने कहा कि उनकी बेहतरी इसी में है कि वह किसी न किसी तरह भारत के साथ रिश्तों को सुधारने की कोशिश करें, उनको रिश्तों को बिगाड़ना नहीं चाहिए। क्योंकि खराब रिश्तों से हमें इतना नुकसान नहीं होगा, जितना उन्हें होगा। उन्होंने ईरान-अमेरिका युद्ध से उपजे हालात की तरफ ध्यान दिलाते हुए कहा कि हमारे जहाज अभी भी उड़ रहे हैं, हमने किसी भी इंटरनेशनल एयरलाइन को यह नहीं कहा कि हमारे पास तेल नहीं है। आप पाकिस्तान के हालत देखें।


