ढाई दिन के वेतन के बराबर दिए जाने वाले भत्ते को बंद करने के मुद्दे पर छह दिनों से हड़ताल पर बैठे स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के कर्मचारी मंगलवार से काम पर लौट आएंगे। सोमवार दोपहर को स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सकीना इट्टू के साथ हुई ज्वाइंट एक्शन कमेटी की बैठक के बाद यह फैसला लिया गया।इससे छह दिनों बाद अस्पतालों की ओपीडी में कामकाज सामान्य होगा।
सोमवार दोपहर को स्वास्थ्य मंत्री ने ज्वाइंट एक्शन कमेटी के सदस्यों के साथ सचिवालय में बैठक की। कर्मचारियों ने कहा कि रविवार और छुट्टियों के दिन भी कर्मचारी काम पर आते हैं। ऐसे में उनका ढाई दिन का भत्ता बंद करना गलत आदेश है।
इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों की मेहनत के कारण ही अस्पताल चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कर्मी विभाग की रीढ़ की हड्डी है। कर्मचारियों का ढाई दिन का भत्ता बंद करना सही नहीं है। इसमें जल्दी ही सुधार कर लिया जाएगा।
औपचारिक आदेश जल्दी ही जारी होगा
स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा कि कर्मचारी पूरी मेहनत और प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भत्ता बंद करना दुर्भाग्यपूर्ण है और भविष्य में ऐसा नहीे होगा। उन्होंने कहा कि भत्ता बहाल करने का औपचारिक आदेश जल्दी ही जारी कर दिया जाएगा।
इसके बाद ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने हड़ताल वापस ले ली।पत्रकारों से बात करते हुए कमेटी के सदस्यों सुशील सूदन, जसविंद्र सिंह ने कहा कि मंत्री ने यह माना है कि कर्मचारियों के ढाई दिन के भत्ते को बंद नहीं करना चाहिए था। इसीलिए अब मंत्री के आश्वासन के बाद वे हड़ताल वापिस ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुद्दे का समाधान हो गया है और मंगलवार से कर्मचारी काम पर लौट आएंगे।
मंत्री के साथ मिलने वालों में सुशील सूदन, जसविंद्र सिंह, अरुण शर्मा, प्रफुलत सिंह, हरप्रीत कौर, अनूप कोहली और सुरजीत राजन शामिल थे।


