कौशांबी में सुधरेगी राशन वितरण व्यवस्था, 150 ग्राम पंचायतों में बनेंगे ‘अन्नपूर्णा भवन’

 सार्वजनिक वितरण प्रणाली को व्यवस्थित करने के लिए 150 ग्राम पंचायतों में अन्नपूर्णा भवन का निर्माण कराया जाएगा। इन भवनों के निर्माण पर लगभग 13 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसका मुख्य उद्देश्य राशन की दुकानों तक पहुंचने वाले खाद्यान्न का सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित करना तथा वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना है।

इन अन्नपूर्णा भवनों में राशन भंडारण, वितरण को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे ग्रामीणों को समय पर और पारदर्शी तरीके से खाद्यान्न प्राप्त हो सकेगा।

जिले के आठ ब्लॉक में 451 ग्राम पंचायतें हैं। 553 राशन वितरण की दुकान संचालित हैं। इन दुकानों से करीब तीन कार्ड धारकों को हर महीने राशन वितरित किया जाता है। वर्तमान समय में ग्रामीण क्षेत्रों में राशन सामग्री के रख-रखाव के लिए पर्याप्त और सुरक्षित स्थान उपलब्ध नहीं हैं।

इससे खाद्यान्न के खराब होने, नमी लगने या अनियमित वितरण जैसी समस्याएं सामने आती रहती हैं। राशन की दुकानों में भेजे जाने वाली खाद्यान्न के सुरक्षित रख-रखाव के लिए जिले की 150 ग्राम पंचायतों में अन्नपूर्णा भवन का निर्माण कराया जाएगा। इन भवनों के निर्माण में लगभग 13 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

योजना का उद्देश्य गांवों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित बनाना है। इन भवनों में खाद्यान्न भंडारण के लिए सुरक्षित गोदाम, वितरण कक्ष, रिकॉर्ड संधारण की व्यवस्था तथा प्रशासनिक कार्यों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। शासन का फरमान आने के बाद खाद्य एवं रसद विभाग ने कवायद तेज कर दी है।

8.43 हजार से बनेगा एक भवन

जिले में प्रस्तावित अन्नूपूर्णा भवन निर्माण का मसौदा विभाग ने तैयार कराना शुरू कर दिया है। ग्राम पंचायतों में बनने वाले एक अन्नपूर्णा भवन के निर्माण में लगभग आठ लाख 43 हजार रुपये खर्च किए जाएगें।

इन भवनों का उद्देश्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक सुव्यवस्थित बनाना तथा ग्रामीण नागरिकों को आवश्यक खाद्यान्न सामग्री समय पर उपलब्ध कराना है। अन्नूपूर्णा भवन बनने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे, क्योंकि निर्माण कार्य में स्थानीय मजदूरों और कारीगरों को काम मिलेगा।

ग्राम पंचायत से मांगा गया प्रस्ताव

आयुक्त का फरमान आने के बाद ग्राम पंचायतों से भवन निर्माण के लिए जमीन का चिन्हांकन कराते हुए प्रस्ताव मांगा गया है। हल्का लेखपाल जमीन की पैमाइश करने के बाद ग्राम पंचायत की संस्तुति सहित रिपोर्ट जिला प्रशासन को मुहैया कराएगें। इसके बाद शासन से भवन निर्माण की स्वीकृति मिलने के बाद कार्य शुरू कराया जाएगा। गाइड लाइन जारी होने के बाद लेखपालों ने जमीन चिन्हित करना शुरू कर दिया है।

मनरेगा से बनेंगे 75 अन्नपूर्णा भवन

जिले में 225 अन्नूपूर्णा भवन का निर्माण कराए जाने का लक्ष्य है। इसमें से 150 अन्नपूर्णा भवन खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा बनाया जाएगा। इसके अलावा 75 भवन मनरेगा यानि बीवी जी-रामजी से बनवाए जाने का प्राविधान किया गया है। हालांकि अब तक जिले में 42 अन्नपूर्णा भवन में बनाए जा रहे है। इनके निर्माण की स्वीकृति पिछले वित्तीय वर्ष में हुई थी। इनमें से करीब एक दर्जन क्रियाशील भी कराए जा चुके हैं।

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