बिजली आपूर्ति में विद्युत निगम पूरी तरह से फेल नजर आ रहा है। एक तरफ अभी तक ट्रांसफार्मर व फीडर ओवरलोड हो रहे थे। अब पूरे विद्युत उपकेंद्र भी ओवरलोड की मार झेल रहे हैं।
टीला मोड़ की इंद्रप्रस्थ कॉलोनी के विद्युत उपकेंद्र की क्षमता के सापेक्ष दो गुना से अधिक लोड है। इससे विद्युत उपकेंद्र ओवरलोड हो रहा है।
इंद्रप्रस्थ विद्युत उपकेंद्र की क्षमता 20 एमवीए (मेगा वोल्ट एंपीयर) है, लेकिन इस पर वर्तमान में करीब 42 एमवीए लोड है। इससे यहां से जुड़े इलाकों में विद्युत व्यवस्था दम तोड़ रही है। लोगों का कहना है कि जब उपकेंद्र बनाया गया था उस दौरान यहां की आबादी एक-चौथाई भी नहीं थी।
लगातार आबादी बढ़ने से उपकेंद्र से जुड़े इलाकों के लोगों को कटौती झेलनी पड़ रहा है। कभी ओवरलोड के कारण फाल्ट तो कभी अघोषित कटौती से लोगों को जूझना पड़ रहा है।
बिन बिजली के लोगों के घरों के एसी, पंखे व कूलर नहीं चल पा रहे हैं। गर्मी से बचाव के उपकरण नहीं चलने से सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों व बीमार बुजुर्गों को झेलनी पड़ रही है।
विद्युत उपकेंद्र बनाने व ट्रांसफार्मर का प्रस्ताव निरस्त
विद्युत निगम के अधिकारियों का कहना कि दो वर्ष पहले सेवाधाम में मुख्यालय को 20 एमवीए का एक और विद्युत उपकेंद्र बनाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया था। लेकिन वह प्रस्ताव मुख्यालय से निरस्त हो गया।
अधिकारियों का कहना है कि जब तक एक और उपकेंद्र नहीं बनेगा यहां के उपभोक्ताओं को राहत नहीं मिलेगी। इसके अलावा निगम के अधिकारियों ने विद्युत उपकेंद्र में 10 एमवीए का ट्रांसफार्मर लगाने का प्रस्ताव भी भेजा था।
दूसरे उपकेंद्र से जोड़ने की योजना भी नहीं चढ़ी परवान
यहां के 20 से 25 प्रतिशत उपभोक्ताओं को सिकरानी विद्युत उपकेंद्र से जोड़ने की योजना बनाई थी। जिससे लोड कम किया जा सके, लेकिन सिकरानी उपकेंद्र पर भी अधिक लोड होने के कारण यह योजना भी परवान नहीं चढ़ सकी।


