गोरखपुर में व्यापारियों को सौगात: पांडेयहाता कॉम्प्लेक्स के लिए 12 करोड़ जारी, 18 माह में होगा तैयार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप गोरखपुर को एक आधुनिक और सुव्यवस्थित शहर बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। पांडेयहाता विरासत गलियारा परियोजना से प्रभावित हुए व्यापारियों के पुनर्वास के लिए नगर निगम द्वारा 36.47 करोड़ की लागत से एक अत्याधुनिक कमर्शियल काम्प्लेक्स का निर्माण होने जा रहा है। इसमें 65 दुकानें बनाई जाएंगी।

बीते रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसका शिलान्यास किया था। वहीं, इस परियोजना के लिए शासन ने 12 करोड़ की पहली किस्त जारी कर दी है, जिससे निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद है।

इस परियोजना का प्राथमिक लक्ष्य पांडेयहाता विरासत गलियारा परियोजना के निर्माण और सड़क चौड़ीकरण के दौरान विस्थापित हुए व्यापारियों को व्यवस्थित रूप से फिर से स्थापित करना है। सरकार का प्रयास है कि विकास की इस प्रक्रिया में किसी भी दुकानदार का रोजगार प्रभावित न हो। इस काम्प्लेक्स में उन दुकानदारों को प्राथमिकता दी जाएगी जो इस सुंदरीकरण परियोजना के कारण अपनी दुकानों से वंचित हो गए हैं।

पांडेयहाता विरासत गलियारा न केवल गोरखपुर की सांस्कृतिक पहचान को निखारेगा, बल्कि यह नया कमर्शियल काम्प्लेक्स स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगा। व्यापारियों के लिए यह एक बड़ी सौगात है, जिससे वे एक बार फिर गौरव के साथ अपना व्यवसाय संचालित कर सकेंगे।

भीड़भाड़ वाले क्षेत्र को देखते हुए काम्प्लेक्स में पार्किंग के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। बेसमेंट में 28 कारों के लिए पार्किंग सुविधा विकसित की जाएगी। दूसरे चरण में पार्किंग क्षमता को बढ़ाकर 54 कार और 72 दोपहिया वाहनों तक किया जाएगा। इससे लाल डिग्गी और आसपास के क्षेत्रों में लगने वाले जाम से भी मुक्ति मिलेगी।

अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा ने बताया कि इस पूरी परियोजना को निर्माण शुरू होने की तारीख से लगभग डेढ़ साल (18 महीने) के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

दो रैन बसेरों के निर्माण के लिए पहली किस्त 3.5 करोड़ जारी
गोरखपुर शहरी गरीबों और बेघर लोगों को राहत देने के उद्देश्य से करीब सात करोड़ की लागत से दो नए रैन बसेरों के निर्माण के लिए शासन ने स्वीकृति देने के साथ 3.5 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी गई है। यह कदम शहर में बढ़ती ठंड और अस्थायी आश्रय की समस्या को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

शहर में पहले से संचालित रैन बसेरों पर बढ़ते दबाव को देखते हुए नए निर्माण की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। इसको देखते हुए नगर निगम की ओर से राप्तीनगर के अलावा स्पोर्ट्स कालेज रोड पर करीब सात करोड़ रुपये की लागत से दो रैन बसेरों का प्रस्ताव शासन में भेजा गया था।

नगर निगम के मुख्य अभियंता अमित शर्मा ने कहा कि इनका निर्माण जल्द से जल्द शुरू किया जाएगा ताकि आगामी सर्दियों से पहले ही ये रैन बसेरे संचालित हो सकें।

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