दोनों हाथ और दोनों पैर गंवा चुकी युवा तीरंदाज पायल नाग ने विश्व तीरंदाजी पैरा सीरीज में बड़ा उलटफेर करते हुए हमवतन और दुनिया की नंबर एक तीरंदाज शीतल देवी को हराकर स्वर्ण पदक जीता। इससे पायल ने टूर्नामेंट में भारत के शानदार प्रदर्शन की अगुआई की, जिसमें देश ने कुल सात स्वर्ण पदक जीतकर पहला स्थान हासिल किया।
18 वर्षीय उभरती हुई तीरंदाज पायल ने कंपाउंड महिला वर्ग के फाइनल में 139-136 से जीत हासिल की। भारत ने कुल पांच रजत और चार कांस्य पदक सहित कुल 16 पदक जीते। पायल की यह एक साल से थोड़े ज्यादा समय में शीतल पर दूसरी जीत थी। इससे पहले उन्होंने जनवरी 2025 में जयपुर में हुए पैरा राष्ट्रीय खेलों में भी शीतल को हराया था।
दुबई 2025 एशियाई युवा पैरा खेलों में पदार्पण करने के बाद पायल अपने दूसरे ही अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में हिस्सा ले रही थीं। वहीं बिना हाथों वाली शीतल भारत की सबसे ज्यादा पदक जीतने वाली पैरा तीरंदाज बन गई हैं।


