बारिश शुरू होने के कुछ ही समय बाद परिसर में जलभराव की स्थिति बन गई। देखते ही देखते बरसाती पानी स्कूल की कक्षाओं तक पहुंच गया, जिससे कई कमरों में पानी भर गया। जलभराव के कारण विद्यार्थियों को कक्षाओं में बैठने में कठिनाई हुई और शिक्षण कार्य भी प्रभावित रहा।