गोस्वामी श्रृंखला-6: गोस्वामी और एसडीएस कंस्ट्रक्शन की कथित जुगलबंदी पर संदेह? जांच हुई तो खुल सकते हैं कई राज!
सिंगरौली। नगर पालिक निगम सिंगरौली की विद्युत शाखा में पदस्थ उपयंत्री प्रवीण कुमार गोस्वामी एक बार फिर चर्चाओं में हैं। इस बार चर्चा का विषय एक निजी निर्माण कंपनी एसडीएस कंस्ट्रक्शन के साथ उनकी कथित नजदीकियां हैं। हालांकि, इस बात को लेकर कई संविदाकारों और निगम के अधिकारियों को संदेह है।जिसकी चर्चा निगम के अधितर टेबल पर खूब होती रहती है।

सूत्रों के अनुसार, नगर निगम में कराए गए कुछ निर्माण एवं विद्युत कार्यों को लेकर गोस्वामी और संबंधित कंपनी के बीच कथित रूप से लंबे समय से बेहतर तालमेल की चर्चा होती रही है। निगम से जुड़े कुछ लोगों का दावा है कि यदि कंपनी द्वारा पूर्व में कराए गए कार्यों और उनसे संबंधित प्रक्रियाओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
सूत्रों का यह भी कहना है कि संबंधित कंपनी को मिले कार्यों, भुगतान, गुणवत्ता परीक्षण और तकनीकी अनुमोदन सहित अन्य पहलुओं की जांच होने पर कई ऐसे बिंदु सामने आ सकते हैं, जिनसे पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकती है।
इसी बीच नगर निगम से जुड़े कुछ अधिकारियों का यह भी दावा है कि गोस्वामी को संबंधित कंपनी से कथित रूप से निजी लाभ मिलने की चर्चाएं भी लंबे समय से होती रही हैं।

गौरतलब है कि, प्रवीण कुमार गोस्वामी का नाम पहले भी विभिन्न शिकायतों और आरोपों के कारण चर्चा में रहा है। अनुकंपा नियुक्ति, पदोन्नति, कथित फर्जी दस्तावेज़ों के उपयोग तथा अन्य मामलों को लेकर समय-समय पर शिकायतें सामने आती रही हैं। हालांकि इन मामलों में अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच एजेंसियों और सक्षम अधिकारियों द्वारा ही तय किया जाना है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि यदि एसडीएस कंस्ट्रक्शन और नगर निगम में हुए कार्यों को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं, ऐसे में निगम के आयुक्त और जिम्मेदार अधिकारियों को इस मामले में स्वतंत्र जांच करवाना चाहिए।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

