कोल इंडिया अधिकारियों के वेतन, बकाया एरियर भुगतान से जुड़े मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर खंडपीठ ने पहली किस्त का भुगतान जल्द करने के निर्देश दिए हैं। कोल इंडिया लिमिटेड एवं अन्य बनाम कुंदन सहगल एवं अन्य (डब्ल्यूए-1486/2023) मामले की छह जुलाई को हुई सुनवाई में कंपनी ने अदालत को बताया कि अधिकारियों को पहली किस्त का भुगतान अक्टूबर 2026 तक कर दिया जाएगा।
वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से पक्ष रखते हुए भारत के महान्यायवादी आर वेंकटरमणि ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण कोल इंडिया के संचालन पर असर पड़ा है। उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए कुछ वित्तीय और परिचालन संबंधी समायोजन करने पड़ रहे हैं, इसलिए पहली किस्त के भुगतान के लिए तीन महीने का अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया गया।
महान्यायवादी ने यह भी कहा कि अगस्त 2026 तक मामले को सूचीबद्ध किया जाए, ताकि प्रतिवादियों और अधिकारी संघ के सहयोग से देय राशि की गणना पूरी की जा सके। आवश्यकता पड़ने पर सार्वजनिक उद्यम विभाग की भी सहायता ली जाएगी। इस पर अधिकारियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता केसी घिल्डियाल ने आपत्ति जताई। उन्होंने अदालत को बताया कि पहली किस्त का भुगतान अप्रैल 2026 में होना था और पहले ही काफी देरी हो चुकी है। ऐसे में भुगतान को और टालना उचित नहीं होगा।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायमूर्ति आनंद पाठक और न्यायमूर्ति बीपी शर्मा की खंडपीठ ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए दोनों पक्ष भुगतान और राशि की गणना के लिए साझा स्तर पर समन्वय करें। अदालत ने उम्मीद जताई कि कोल इंडिया जल्द भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित करेगा और पूर्व के आदेशों का पालन करेगा।
खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई और राशि की गणना के लिए 18 अगस्त 2026 की तारीख निर्धारित की है।
कोल इंडिया सूत्र ने बताया जाता है कि करीब 35 सौ करोड़ की राशि का भुगतान करना है। इसी को लेकर वित्त समस्या आ रही है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

