भोजपुर जिले के गड़हनी थाना क्षेत्र स्थित बनकट नहर मार्ग पर शनिवार को अगिआंव की पूर्व मुखिया प्रेमा देवी के पुत्र रितेश सिंह उर्फ भुअर सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
इस मामले में दर्ज प्राथमिकी में कुल 11 लोगों को नामजद किया गया है, जिनमें दो पर साजिश रचने और नौ पर गोली मारने का आरोप लगाया गया है।
आरोपितों में वर्तमान अगिआंव मुखिया उर्मिला देवी के पति और पुत्र का नाम भी शामिल है, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है।
मृतक की पत्नी ने कराई एफआईआर
मृतक की पत्नी स्वेता सिंह के बयान पर दर्ज प्राथमिकी में लहरपा गांव के जितेन्द्र यादव, मकरध्वज उर्फ रणवीर यादव, अंकित यादव, अमन महतो, नागेन्द्र उर्फ छोटू यादव, संजय यादव, अजय यादव तथा अगिआंव के आनंद राज उर्फ गुड्डन पर हथियार से फायरिंग कर हत्या करने का आरोप लगाया गया है।
वहीं, लहरपा के हीरा लाल यादव और अगिआंव के सुरेन्द्र राय पर पूर्व से साजिश रचने का आरोप है। स्वेता सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि तीन वर्ष पहले उनके भैंसुर बबलू सिंह पर भी इसी तरह साजिश के तहत हमला किया गया था, जिसमें वे बाल-बाल बच गए थे।
उधर, मुखिया उर्मिला देवी के परिवार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि उनके पति सुरेन्द्र राय और पुत्र आनंद को साजिशन फंसाया जा रहा है। उनका दावा है कि पूर्व में भी इस तरह के आरोप लगे थे, जिनमें जांच के बाद वे निर्दोष पाए गए थे।
जेल में बंद पिता-भाइयों को मिली हत्या की सूचना
मृतक रितेश सिंह के पिता रमेश सिंह और उनके भाई—धनेश सिंह, नवनीत सिंह, विजय बहादुर सिंह एवं पवन—एक वर्ष पूर्व लहरपा गांव में हुए तिहरे हत्याकांड के मामले में आरा जेल में बंद हैं।
शनिवार सुबह हत्या की सूचना उन्हें जेल में ही मिली। इसके बाद उन्होंने अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पेरोल की अर्जी दी। अनुमति मिलने पर सभी बाहर आए और दाह संस्कार में शामिल हुए।
सुरक्षा की मांग के बावजूद नहीं मिला गार्ड: भाई
मृतक के बड़े भाई बबलू सिंह ने आरोप लगाया कि पहले हुए हमले और लगातार मिल रही धमकियों के बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक से लेकर उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी तक सुरक्षा की गुहार लगाई थी।
उन्होंने बताया कि उप मुख्यमंत्री ने इस मामले में पुलिस अधिकारियों से बात भी की थी, लेकिन इसके बावजूद उन्हें सुरक्षा गार्ड उपलब्ध नहीं कराया गया।


