शपथ ग्रहण के एक दिन बाद शुक्रवार को बिहार सरकार के कई मंत्रियों ने अपने-अपने विभागों का पदभार संभाला।
सुबह सबसे पहले राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का कार्यभार मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने ग्रहण किया, जबकि पर्यटन विभाग की जिम्मेदारी केदार गुप्ता ने संभाली।
डॉ. दिलीप जायसवाल ने गिनाईं प्राथमिकताएं
पदभार संभालने के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने विभाग की प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया। कहा कि आम जनता के कामों को तेज, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पूरा करना उनकी पहली प्राथमिकता होगी।
साथ ही उन्होंने सख्त संदेश देते हुए कहा कि गलत कार्य करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने अपने पिछले कार्यकाल का जिक्र किया।
कहा कि उनके समय में 11 हजार कर्मियों की बहाली हुई थी और कैडेस्ट्रल एवं रिवीजनल सर्वे की शुरुआत की गई थी, जो लंबे अंतराल के बाद एक महत्वपूर्ण पहल थी।
सर्वे और विभागीय चुनौतियों पर बयान
मंत्री ने कहा कि भूमि सर्वेक्षण के दौरान कई लोगों में भ्रम और चिंता की स्थिति बनी थी, खासकर उन नागरिकों के बीच जो बिहार से बाहर रहते हैं।
उन्होंने बताया कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने सर्वे कार्य को आगे बढ़ाया और काफी हद तक सफलता भी मिली।
डॉ. जायसवाल ने स्वीकार किया कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग राज्य के आम नागरिकों से सीधे जुड़ा सबसे महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण विभाग है।
उन्होंने कहा कि इस विभाग को पहले “कालकोठरी” जैसे शब्दों से भी जोड़ा जाता था, लेकिन अब इसे अधिक पारदर्शी और जनहितकारी बनाने का लक्ष्य है।
लंबित कामकाज और सुधार की बात
मंत्री ने यह भी बताया कि कर्मचारियों की हड़ताल के कारण लगभग तीन महीने तक विभागीय काम प्रभावित रहे, जिससे आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
अब स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है और विभागीय कार्य फिर से गति पकड़ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नीचे स्तर पर फैली बदनामी को दूर करना उनकी प्राथमिकता है।


