भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है।जून के पहले सप्ताह तक ओडिशा में प्री-मानसून बारिश शुरू होने की संभावना जताई गई है।
खासकर तटीय ओडिशा में मौसम का मिजाज बदल सकता है और तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। कृषि मौसम वैज्ञानिक प्रोफेसर सुरेंद्रनाथ पशुपालक ने अनुमान जताया है कि मानसून 10 से 12 जून के बीच ओडिशा पहुंच सकता है।
उन्होंने बताया कि 24 से 25 मई के बीच पश्चिम-मध्य एवं उससे सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है।इसका असर मानसून की रफ्तार पर पड़ेगा और पूर्वोत्तर भारत की ओर मानसून तेजी से आगे बढ़ सकता है।
इसके साथ ही 26 मई तक मानसून केरल तट पर दस्तक दे सकता है।प्रोफेसर पशुपालक के अनुसार, 26 मई के बाद तटीय ओडिशा में कालबैशाखी बारिश से कुछ राहत मिल सकती है।
हालांकि पश्चिमी ओडिशा में लोगों को अभी गर्मी से ज्यादा राहत मिलने के आसार नहीं हैं। वहां मानसून के आगमन तक तेज गर्मी और लू का असर बना रह सकता है।
उन्होंने कहा कि 1 या 2 जून के आसपास उत्तर बंगाल की खाड़ी में एक और निम्न दबाव क्षेत्र बनने या मानसूनी ट्रफ सक्रिय होने की संभावना है।इससे राज्य में प्री-मानसून जैसी स्थिति बनेगी और तटीय इलाकों में तापमान कम हो सकता है।हालांकि पश्चिमी ओडिशा में मानसून आने तक गर्मी का प्रकोप जारी रहने की आशंका है।


