एम्स पटना के चिकित्सकों ने एक बेहद जटिल सर्जरी कर चिकित्सा क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस असाधारण उपलब्धि को लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स 2026 में भी स्थान मिला है।
जानकारी के अनुसार, नौ मार्च 2025 को एम्स (AIIMS, Patna) लाए गए 42 वर्षीय एक मरीज की सर्वाइकल स्पाइन (गर्दन की हड्डी) में 35 मिमी लंबा मछली का कांटा फंसा हुआ था।
यह स्थिति अत्यंत संवेदनशील और जोखिम भरी थी, क्योंकि जरा सी चूक मरीज के लिए जानलेवा साबित हो सकती थी। ऐसे में कुशल चिकित्सकों की टीम ने कमाल किया।
चार घंटे पांच मिनट चला ऑपरेशन
एम्स पटना की न्यूरो सर्जरी टीम ने डॉ. सरज कुमार सिंह के नेतृत्व में और डॉ. क्रांति भावना की मौजूदगी में करीब चार घंटे पांच मिनट तक चले जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
सर्जरी के दौरान डॉक्टरों ने अत्यधिक सावधानी और कुशलता के साथ कांटे को निकालकर मरीज की जान बचाई। उसे नई जिंदगी दी।
संस्थान के कार्यकारी निदेशक प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल ने इस उपलब्धि को एम्स पटना की उन्नत चिकित्सा क्षमता, आधुनिक तकनीक और चिकित्सकों की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया।
उन्होंने कहा कि यह सफलता न केवल संस्थान बल्कि पूरे बिहार के लिए गर्व की बात है और इससे प्रदेश में उच्चस्तरीय चिकित्सा सेवाओं के प्रति लोगों का भरोसा और मजबूत होगा।
PMCH में महिला के पेट से निकला 15 किलो का ट्यूमर
पीएमसीएच के डाक्टरों ने एक जटिल सर्जरी कर 30 वर्षीय महिला के शरीर से करीब 15 किलो का ट्यूमर निकालकर उसकी जान बचाई।
सर्जरी के दौरान प्रसव में किसी तरह की परेशानी नहीं हो इसका भी विशेष ध्यान रखा गया। डाक्टरों के अनुसार ट्यूमर इतना बड़ा हो गया था कि वह डायफ्राम तक पहुंच गया था, इससे महिला को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी।
वह ठीक से भोजन नहीं ले पा रही थी। लगातार उल्टी की शिकायत भी थी। साथ ही वह एनीमिया से भी पीड़ित थी। सफल आपरेशन होने पर पीएमसीएच अधीक्षक डाॅ. राजीव कुमार सिंह ने स्त्री एवं प्रसूति विभाग के पूरी टीम को बधाई दी है।
30 वर्षीया महिला एक मार्च को अररिया में सीजेरियन ऑपरेशन से बच्चे को जन्म दी थी। इसके बाद 26 मार्च को पेट में दर्द और गांठ की शिकायत लेकर वह पीएमसीएच पहुंची, जहां जांच के बाद ट्यूमर का पता चला।


