बिहार में बिजली बिल को लेकर सरकार के नए आदेश से सियासत तेज हो गई है। बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार पर फिर से पलटी मारने का आरोप लगाते हुए चुनाव में किए गए वादे याद दिलाए हैं।
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया में पोस्ट कर लिखा, “नीतीश-भाजपा ने फिर पलटी मारी। चुनावों के वक्त मुफ्त 125 यूनिट फ्री बिजली देने का वादा कर चीटर मीटर वाले महज 4 महीने में ही जनता को लूटने वाले अपने असल रंग में लौट आए।”
उन्होंने कहा कि अब बिहार में शाम 11 बजे तक सर्वाधिक खपत वाले 6 घंटे बिजली बिल 8.10 रूपये प्रति यूनिट, रात्रि 11 बजे से सुबह के 9 बजे तक यानि 10 घंटे तक 7.10 रुपए और फिर शेष 8 घंटे 5.94 ₹ प्रति यूनिट आपकी जेब से वसूलेंगे।
सरकारी खजाने के दुरपयोग का आरोप
10 हजारिया के फेर में फौरी तौर पर खुश होकर वोट गिरवी रखने वालों को यह सरकार अभी इससे भी बुरे दिन दिखाएगी। नई सरकार के अभी 4 महीने ही हुए है, सरकार का खजाना एकदम खाली है और जो बचा-खुचा है उसे भ्रष्ट अधिकारी स्वयं समेट लेंगे।
चुनाव आयोग की अनैतिकता, धूर्तता और निर्जल्लता के सानिध्य में मशीनी तंत्र के मार्फ़त जनतंत्र को खत्म करने के इरादे से लड़े गए इस चुनाव में भ्रष्ट भूंजा पार्टी एवं भ्रष्ट अधिकारियों के कार्टेल ने स्थापित लोकतांत्रिक मर्यादाओं, परंपराओं तथा लोकलाज को तार-तार करते हुए चुनाव के आखिरी 35 दिनों में (वोटिंग के समय तक भी) जो 41,000 हजार करोड़ रुपए नगद सरकारी खजाने का बांटा है, अब आगामी 5 साल तक उसकी जी भरकर वसूली करेंगे।
थके-हारे जिस चेहरे को सोची समझी साजिश और षड्यंत्र के तहत मोहरा बनाया गया, अब उसी अचेत चेहरे को भ्रष्ट और डरपोक सिंडिकेट ने इकरारनामे के तहत दरकिनार कर ही दिया है।
देर-सवेर यह लोकतांत्रिक कलंक और आसमानी वादों की विफलता भी उन्हीं के माथे मढ़ी जाएगी। पूर्व की मेरी कहे अन्य तमाम बातों की तरह यह भी सत्य साबित होगा। बिहार में पहले से ही बेकाबू रिश्वतखोरी, लूट और अनियंत्रित भ्रष्टाचार का अब अकल्पनीय दौर शुरू होगा।


