दहेज में स्कॉर्पियो कार और पांच लाख रुपये की मांग पूरी न होने पर दूल्हा पक्ष द्वारा बरात न लाना भारी पड़ गया। मामला इतना बढ़ा कि पंचायत के हस्तक्षेप के बाद दूल्हा पक्ष को 18 लाख रुपये वापस करने पर सहमति बनानी पड़ी।
स्कॉर्पियो व पांच लाख और मांगने पर टूटा रिश्ता
कोतवाली क्षेत्र के बूढ़ी दढ़ियाल गांव निवासी एक ग्रामीण ने अपनी बेटी का रिश्ता कल्लू की मंडय्या गांव निवासी युवक के साथ तय किया था। 28 मार्च को बरात आनी थी, लेकिन उससे पहले ही लेन-देन को लेकर विवाद खड़ा हो गया। लड़की पक्ष का आरोप है कि वर पक्ष स्कॉर्पियो कार और पांच लाख रुपये की मांग कर रहा था। मांग पूरी न होने पर बरात लाने से इनकार कर दिया। विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों के बीच कई दौर की बातचीत हुई।
पंचायत और क्षेत्र के संभ्रांत लोगों ने किया हस्तक्षेप
पंचायत और क्षेत्र के संभ्रांत लोगों ने हस्तक्षेप कर समझौते का प्रयास किया। प्रारंभिक सहमति में सामने आया कि दूल्हन पक्ष पहले ही 10 लाख रुपये दे चुका था। साथ ही शादी के लिए खरीदे गए सामान के बदले 8 लाख रुपये अलग से देने की बात तय हुई। हालांकि, समझौते के बाद भी विवाद थमता नजर नहीं आया। इसके चलते वधु पक्ष ने 28 मार्च को पुलिस को तहरीर दे दी।
18 लाख रुपये लड़की पक्ष को देने पर बनी सहमति
मामला और बिगड़ता देख पंचायत ने दोबारा हस्तक्षेप किया और अंततः दूल्हा पक्ष द्वारा कुल 18 लाख रुपये लड़की पक्ष को देने पर सहमति बन गई। पंचायत में भाजपा नेत्री डौली रंधावा, अमृता रंधावा और हाजी बबलू नानकार सहित अन्य गणमान्य लोगों की मौजूदगी में समझौता कराया गया। डौली रंधावा ने बताया कि समझौता पहले ही हो गया था। युवक पक्ष से ओर अधिक रकम लेने लिए पुलिस को दबाव के लिए शिकायती पत्र दिया था।
उपनिरीक्षक अजय कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से समझौता हो गया है और अब किसी भी कानूनी कार्रवाई नही करेंगे।


