सिंगरौली वैश्विक ऊर्जा संकट और अनिश्चितताओं के वर्तमान दौर में देश की ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ बनाए रखने में नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) का योगदान निरंतर उल्लेखनीय बना हुआ है। कोल इंडिया लिमिटेड की प्रमुख अनुषंगी कंपनी एनसीएल द्वारा कोयला मंत्रालय के निर्देशों के अनुरूप निर्बाध कोयला उत्पादन एवं प्रेषण सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे देश के ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती मिल रही है।
इसी क्रम में बुधवार को एनसीएल की सबसे बड़ी परियोजना जयंत परियोजना ने एक दिन में सर्वाधिक कोयला प्रेषण कर नया कीर्तिमान स्थापित किया। इस दौरान परियोजना द्वारा देश के विभिन्न ताप विद्युत गृहों एवं उद्योगों को कुल 1.21 लाख टन कोयले का प्रेषण किया गया। इसमें भारतीय रेल के माध्यम से 17 रैक्स, पिटहेड पावर प्लांट्स को एमजीआर के माध्यम से 20 रैक्स तथा सड़क मार्ग से 278 ट्रक शामिल रहे।
इस वर्ष जयंत परियोजना द्वारा सामान्यतः रेल माध्यम से औसतन 11 रैक्स तथा एमजीआर के माध्यम से औसतन 12 रैक्स का प्रेषण किया गया है। इस औसत की तुलना में बुधवार का प्रदर्शन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा।
यदि एनसीएल के समग्र प्रदर्शन की बात करें, तो कंपनी का वार्षिक औसत प्रतिदिन 45 रेल रैक्स तथा 55 एमजीआर रैक्स (पिटहेड प्लांट्स हेतु) का है, जबकि बुधवार को कंपनी ने 52 रेल रैक्स और 55 एमजीआर रैक्स का प्रेषण कर बेहतर प्रदर्शन किया।
देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में टीम एनसीएल का यह उत्कृष्ट योगदान ‘कोयला है तो भरोसा है’ की संकल्पना को साकार करता है।


