मानव वध का सनसनीखेज खुलासा: जयंत पुलिस ने 24 घंटे में 3 आरोपियों को दबोचा

सिंगरौली। जिले के जयंत क्षेत्र में एक युवक की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सर्वप्रिय सिन्हा एवं नगर पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार प्रजापति की निगरानी में की गई। थाना प्रभारी विन्ध्यनगर अर्चना द्विवेदी के मार्गदर्शन तथा चौकी प्रभारी जयंत उपनिरीक्षक सुधाकर सिंह परिहार के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने इस जघन्य मामले का खुलासा किया।

क्या है पूरा मामला

दिनांक 25 मार्च 2026 को एफआरवी 112 के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि सरसवाहलाल, जयंत क्षेत्र में एक युवक का शव संदिग्ध हालत में सड़क किनारे पड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां पीसीसी सड़क के किनारे एक युवक का शव क्षत-विक्षत हालत में मिला। मौके पर मौजूद लोगों ने मृतक की पहचान आशीष कुमार कुशवाहा (उम्र 25 वर्ष), निवासी सरसवाहलाल जयंत के रूप में की।

घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया गया। एफएसएल टीम एवं डॉग स्क्वॉड को मौके पर बुलाकर बारीकी से जांच कराई गई। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल बैढ़न भेजा गया।

जांच में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने मृतक के कॉल डिटेल खंगाले और जिन लोगों से उसकी आखिरी बार बातचीत हुई थी, उनसे पूछताछ की। जांच में पता चला कि घटना के दिन मृतक के स्कूटी से पेट्रोल की बोतल चोरी हो गई थी, जिसकी तलाश में वह कुछ संदिग्धों के घर गया था। इसी दौरान मृतक की मुलाकात नूर हसन उर्फ मनिया से हुई, जिससे वह उधारी के पैसे मांग रहा था। पैसों को लेकर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि मृतक ने पिकअप वाहन में चढ़कर मनिया की जेब में हाथ डाल दिया, जिससे विवाद और बढ़ गया।

चलती पिकअप से दिया धक्का, हुई मौत

विवाद के दौरान आरोपियों ने चालक को वाहन तेज चलाने के लिए कहा। इसी बीच नूर हसन उर्फ मनिया ने मृतक को चलती पिकअप से धक्का दे दिया। गिरने के दौरान मृतक वाहन से टकराया और पिकअप के नीचे आने से उसके सिर में गंभीर चोट लग गई, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

तीनों आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 26 मार्च 2026 को तीनों आरोपियो नूर हसन उर्फ मनिया (16 वर्ष), राजकुमार भुजवा उर्फ गार्ड (लगभग 15 वर्ष) एवं छोटू कुमार कोल (24 वर्ष)को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका

इस पूरे मामले के खुलासे में थाना प्रभारी अर्चना द्विवेदी, उपनिरीक्षक सुधाकर सिंह परिहार, उपनिरीक्षक नीरज सिंह चौहान सउनि० राजेश द्विवेदी, दीपनारायण, जिवेन्द्र मिश्रा, अरविन्द्र द्विवेदी, प्र०आर०-सुनील मिश्रा, सुबोध तोमर, धीरेन्द्र अहिरवार, सिरदेलाल उईके, राहुल सिंह, अजीत सिंह बीरेन्द्र पटेल, आर०-प्रकाश सिंह, महेश पटेल, सुरेन्द्र यादव, जीवन सिंह, यश मराबी, एवं सैनिक कृष्ण कुमार गोस्वामी की सराहनीय भूमिका रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस तरह की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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