रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को हाल की वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा घटनाओं के मद्देनजर और साथ ही भारत की रक्षा तैयारियों की समीक्षा करने के लिए एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
इस बैठक में सीडीएस जनरल अनिल चौहान, एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह, जनरल उपेंद्र द्विवेदी, एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के अध्यक्ष समीर कामत और अन्य लोग भी उपस्थित थे।
28 फरवरी के बाद पश्चिम एशिया में बढ़ी टेंशन
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का चौथा हफ्ता शुरू हो गया है। वहीं होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाला व्यापारिक मार्ग भी बाधित है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए संयुक्त सैन्य हमलों में ईरान के 86 वर्षीय सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद तनाव और बढ़ गया।
जवाबी कार्रवाई के तौर पर ईरान ने खाड़ी के कई देशों में इजरायल और अमेरिका की संपत्तियों को निशाना बनाया, जिससे जलमार्ग में और अधिक बाधाएं उत्पन्न हुईं और अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों के साथ-साथ वैश्विक आर्थिक स्थिरता भी प्रभावित हुई।
पीएम मोदी ने स्थिति को बताया था चिंताजनक
इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राज्यसभा में चल रहे संघर्ष के विभिन्न पहलुओं और भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर बयान दे सकते हैं। एक दिन पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा को संबोधित करते हुए सदस्यों को पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों और भारत पर उनके संभावित प्रभाव के बारे में जानकारी दी थी। उन्होंने इस स्थिति को “चिंताजनक” बताया था।


