इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की स्थानीय निकाय कर्मचारी भर्ती में ओबीसी अभ्यर्थियों को आयु सीमा छूट देने के लिए दायर याचिका पर राज्य सरकार से जवाब मांगा है। यह आदेश न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की एकलपीठ ने दिया है।
याचिका गाजियाबाद निवासी सतेंद्र कुमार व हेमंत ने दायर की है। प्रकरण में अगली सुनवाई 11 जून 2026 को होगी। नगर पंचायत में अधिशासी अधिकारी भर्ती के इच्छुक इन याचीगण का कहना है कि 18 जून 2026 को संबंधित भर्ती प्रक्रिया का पोर्टल बंद हो जाएगा और वे आवेदन करने से वंचित रह जाएंगे।
ओबीसी वर्ग के लिए अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष निर्धारित है। याची क्रमशः 2024 और 2021 में यह आयु सीमा पार कर चुके हैं। उनका तर्क है कि पुराने विनियम में प्रविधान था कि यदि किसी वर्ष चयन प्रक्रिया नहीं हुई तो अभ्यर्थी अगली भर्ती में भी आयु के आधार पर पात्र माने जाएंगे।
यह प्रविधान 30 सितंबर 2025 से हटा दिया गया। अंतिम विज्ञापन 2019 में जारी हुआ था और अब सात साल बाद 2026 में नई भर्ती आई है, इस कारण याची अधिक आयु के हो चले हैं। याचीगण के अधिवक्ता सिद्धार्थ खरे के अनुसार विनियम 9 (तीन) के तहत राज्य सरकार को किसी भी अभ्यर्थी या अभ्यर्थियों के वर्ग के पक्ष में आयु सीमा में छूट देने का अधिकार है।
निदेशक स्थानीय निकाय की तरफ से अधिवक्ता सिद्धार्थ सिंघल और अतिरिक्त मुख्य स्थायी अधिवक्ता जितेंद्र सिंह ने कहा कि विज्ञापन मार्च 2026 में जारी किया गया था और संशोधित विनियम 9(दो) में छूट का कोई उल्लेख नहीं है। याची किसी भी राहत के हकदार नहीं हैं। प्रदेश सरकार, उप्र अधीनस्थ सेवा चयन आयोग व निदेशक स्थानीय निकाय इस प्रकरण में प्रतिवादी बनाए गए हैं।


