पानीपत शुगर मिल में मलबे का खेल? 8.77 करोड़ की कीमत; अब कम कीमत में बेचने की तैयारी

गोहाना रोड स्थित पुराने मिल के मलबे को अब उसे 5.38 करोड़ में बेचने की तैयारी की जा रही है। यही मलबा तीन साल पहले 8.77 करोड़ में नहीं बेचा गया। इसे घोटाला बताया जा रहा है, लेकिन अधिकारी इससे साफ इन्कार कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि इसको लेकर 2022 से लेकर अब तक कई बैठकें हो चुकी हैं, कम रेट लगने के कारण बार-बार टेंडर प्रक्रिया नहीं हो पा रही थी। जिले की नई शुगर मिल डाहर गांव के पास चल रही है।

70 एकड़ में बने पुराने शुगर मिल में अंदर कई कोठियां, कर्मचारियों और अधिकारियों के क्वार्टर व रेस्ट हाउस बने हैं। वर्ष 2022 में इस मिल 8.77 करोड़ रुपये की वैल्यूएशन हुई थी। तब कम रेट के कारण इसको बेचा नहीं गया था। अब सामने आ रहा है कि एक कंपनी को टेंडर भी अलाट कर दिया गया है। सवाल उठ रहा है कि कीमत बढ़ने के बावजूद घाटे में क्यों बेचा जा रहा है?

मिल परिसर की बात करें तो यह केवल एक औद्योगिक इकाई नहीं, बल्कि एक बड़ा आवासीय और प्रशासनिक ढांचा भी है। यहां एक रेस्ट हाउस सहित कुल 11 बड़ी कोठियां मौजूद हैं। इसके अलावा कर्मचारियों के लिए विभिन्न श्रेणियों के आवास भी बनाए गए हैं। जिनमें सी टाइप के 36 क्वार्टर, बी टाइप के 48 क्वार्टर और ए टाइप के 20 क्वार्टर शामिल हैं।

शुगर मिल के एमडी संदीप पहल ने कहा कि बोर्ड की बैठक में इस विषय को लेकर डीसी साहब से भी चर्चा की गई थी। शुगर फेडरेशन की सहमति से ही सभी कार्य किए जा रहे हैं। मिल की वैल्यूएशन पीडब्ल्यूडी से कराई गई है। सभी प्रक्रियाएं नियमानुसार पूरी की जा रही हैं। हमारे पास सभी आवश्यक रिकार्ड भी उपलब्ध हैं।

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