झारखंड से ओडिशा तक फैला था नेटवर्क: एक साल से फरार कुख्यात अपराधी ‘घेघा’ को पुलिस ने दबोचा

 सरायकेला-खरसावां जिला अंतर्गत कपाली ओपी क्षेत्र के केजीएन (KGN) मेडिकल फायरिंग एवं लूटकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।
पिछले एक साल से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहे मुख्य आरोपी सारिक साह उर्फ घेघा को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस ने शनिवार को गुप्त सूचना के आधार पर उसे पड़ोसी जिले जमशेदपुर के आजादनगर थाना क्षेत्र स्थित बगानशाही रोड नंबर-7 (मुर्दा मैदान के पास) से दबोचा।

विशेष टीम ने बिछाया जाल

पुलिस अधीक्षक (SP) के निर्देश पर गठित एक विशेष छापेमारी दल ने तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों (Technical and Manual Intelligence) का उपयोग करते हुए इस कार्रवाई को अंजाम दिया। गिरफ्तार अभियुक्त सारिक साह इस वारदात के बाद से ही लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था।

क्या था मामला?

गौरतलब है कि 5 अप्रैल 2025 की रात कपाली ओपी क्षेत्र के कबीरनगर स्थित केजीएन मेडिकल दुकान में अपराधियों ने धावा बोला था। अपराधियों ने दुकान संचालक साकिब परवेज से रंगदारी की मांग की थी।
जब संचालक ने इसका विरोध किया, तो अपराधियों ने उन पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। इसके बाद दुकान में जमकर तोड़फोड़ की गई।
नकदी व मोबाइल फोन लूटकर अपराधी फरार हो गए थे। पुलिस इस मामले में पहले ही 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

तीन राज्यों में फैला है आपराधिक साम्राज्‍य

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, गिरफ्तार सारिक साह उर्फ घेघा एक आदतन अपराधी है। उस पर चोरी, लूट, आर्म्स एक्ट और संगठित अपराध से जुड़े कई गंभीर मामले दर्ज हैं।
उसका आपराधिक नेटवर्क झारखंड के सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) से लेकर ओडिशा के मयूरभंज जिले तक फैला हुआ है।

दर्ज मुकदमों का विवरण: 

  •     कपाली ओपी (चांडिल थाना): 04 मामले
  •     पूर्वी सिंहभूम (धालभूमगढ़ व पोटका): 02 मामले (एक-एक दोनों थानों में)
  •     ओडिशा (गोरूमहिषाणी थाना, मयूरभंज): 01 मामला
इस ऑपरेशन को अंजाम देने वाली विशेष टीम में कपाली ओपी प्रभारी अविनाश कुमार, रणजीत कुमार सिंह, मनोज कुमार राय, हवलदार कृष्ण चंद्र बिरुआ और दस्तगीर आलम थे। कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

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