शहर के जनकगंज थाने में कथित रिश्वतखोरी का एक वीडियो सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में एक एएसआई को थाने के भीतर ही एक युवक से नोटों की गड्डी लेते और बाद में रकम गिनते हुए देखा जा सकता है। वीडियो सामने आने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने संबंधित एएसआई प्रेमनारायण बैस को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया है।
वकील ने रिकॉर्ड किया वीडियो
जानकारी के अनुसार, यह वीडियो एक अधिवक्ता द्वारा रिकॉर्ड किया गया, जो अपने साथियों के साथ किसी कार्य से जनकगंज थाने पहुंचे थे। इसी दौरान उनकी नजर थाने के एक कोने में खड़े एएसआई, एक आरक्षक और एक युवक पर पड़ी। उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर अधिवक्ता ने मोबाइल कैमरा चालू कर पूरी घटना रिकॉर्ड कर ली।
कैमरे में कैद हुई पूरी गतिविधि
वायरल वीडियो में कथित तौर पर एएसआई प्रेमनारायण बैस युवक से नोटों की गड्डी लेते दिखाई दे रहे हैं। पहले उन्होंने रकम जेब में रखी, फिर कुछ देर बाद नोट गिनने लगे। इसी दौरान उनकी नजर वीडियो बना रहे अधिवक्ता पर पड़ गई। बताया जा रहा है कि पास खड़े एक अन्य पुलिसकर्मी ने भी उन्हें रिकॉर्डिंग होने की जानकारी दी, जिसके बाद एएसआई और युवक वहां से हट गए।
वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला पुलिस अधिकारियों तक पहुंचा। प्रारंभिक जांच के बाद एसएसपी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एएसआई को लाइन अटैच कर दिया।
पहले भी लग चुके हैं गंभीर आरोप
एएसआई प्रेमनारायण बैस पर इससे पहले भी गंभीर आरोप लग चुके हैं। एक महिला ने उन पर केस में फंसाने की धमकी देकर 20 हजार रुपये वसूलने का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि वह घर-घर जाकर काम कर अपने परिवार का पालन-पोषण करती है और अब इस मामले की शिकायत लेकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के पास जाने की तैयारी कर रही है।
वीडियो हटाने के लिए दबाव बनाने का आरोप
मामले में नया मोड़ तब आया, जब वीडियो रिकॉर्ड करने वाले अधिवक्ता ने दावा किया कि वीडियो वायरल होने के बाद एएसआई की ओर से उनके परिचितों के जरिए लगातार संपर्क किया गया। उनसे वीडियो हटाने का आग्रह किया गया और कथित तौर पर प्रलोभन देने की भी कोशिश की गई। हालांकि अधिवक्ता ने इसकी शिकायत अधिकारियों से करने की बात कही, जिसके बाद ऐसे फोन आने बंद हो गए।


