भारत के नामी रैली ड्राइवर और ‘जिप्सी किंग’ के नाम से प्रसिद्ध चंडीगढ़ निवासी 59 वर्षीय हरी सिंह का अभी तक कुछ पता नहीं चला है। 19 मार्च को मालदीव के समुद्र में स्पीडबोट के साथ हुए हादसे के बाद से वे लापता हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने न केवल परिवारों को असमंजस में डाला है, बल्कि रेस्क्यू ऑपरेशन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर चर्चा छेड़ दी है।
हरी सिंह के करीबी मित्र एसपीएस गर्चा ने रेस्क्यू ऑपरेशन और प्रबंधन पर सवाल उठाए हैं। उन्हाेंने यह भी कहा कि उद्योगपति गौतम सिंघानिया को सिंघानिया को हादसे की जगह और पूरी घटना की जानकारी थी। उन्हें मालदीव में रहकर रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी करनी चाहिए थी, ताकि वे हर संभव तरीके से मदद सुनिश्चित कर सकें।
परिवार पहुंच चुका मालदीव
हरी सिंह 19 मार्च को मालदीव में उस समय लापता हो गए थे, जब एक स्पीडबोट पलट गई थी। इस हादसे में देश के नामी उद्योगपति गौतम सिंघानिया घायल हो गए थे। उन्हें मुंबई भेज दिया था, लेकिन हरी सिंह और कमांडर महेश रामचंद्रन का कोई पता नहीं चल सका है।
मालदीव अथाॅरिटीज की ओर से सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। रोजाना ड्रोन के जरिए इलाके की निगरानी की जा रही है। इसके साथ ही मालदीव कोस्ट गार्ड की टीमें समुद्र और तटों पर भी तलाश कर रही हैं। हरी सिंह का परिवार भी मालदीव पहुंच चुका है।
मोटरस्पोर्ट्स में बड़ा नाम
हरी सिंह इंडियन मोटरस्पोर्ट में एक बड़ा नाम हैं। पांच बार के रैली नेशनल चैंपियन हैं। चंडीगढ़ मोटरस्पोर्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने 1990 में हिमालयन कार रैली से अपने करियर की शुरुआत की थी और पांच बार इंडियन नेशनल रैली चैंपियन रहे हैं। जिप्सी किंग के नाम से मशहूर हरी सिंह ने एशिया जोन रैली चैंपियनशिप भी जीती थी।


