’17 दिनों तक किया प्रताड़ित, शरीर पर चोट के निशान…’, NCB हिरासत में BSF जवान की मौत पर बवाल; परिजनों ने किया प्रदर्शन

 बीएसएफ की 42वीं बटालियन में तैनात जवान जसविंदर सिंह की नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की हिरासत में हुई मौत के मामले ने रविवार को तूल पकड़ लिया। शनिवार रात में जवान का शव उसके पैतृक गांव न्यू दीवानगढ़ पहुंचा तो शोक और आक्रोश का माहौल बन गया।

आक्रोशित स्वजनों व स्थानीय लोगों ने रविवार सुबह 11 बजे शव को दलजीत चौक पर रखकर मार्ग को जाम कर दिया और एनसीबी के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने एनसीबी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जसविंदर सिंह की मौत की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

स्वजन ने आरोप लगाया कि जसविंदर को तीन मार्च को मीरां साहिब के बिलोल पुल के पास से एनसीबी टीम ने हिरासत में लिया था और करीब 17 दिनों तक उसे प्रताड़ित किया गया, जिसके चलते उसकी मौत हो गई। मृतक की मां गुरमीत कौर ने कहा कि उनके बेटे को हिरासत में लेने के बाद उन्हें उससे मिलने तक नहीं दिया गया और और अचानक उसकी मौत की खबर दे दी गई।

उन्होंने आरोप लगाया कि पोस्टमार्टम के दौरान ली गई फोटो और वीडियो में उसके शरीर पर चोटों के निशान साफ दिखाई दे रहे हैं। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही एडीसी जम्मू अनुसूया जमवाल, एसपी अजय शर्मा, एसडीएम अनुराधा ठाकुर सहित प्रशासनिक अधिकारी और बीएसएफ के अधिकारी मौके पर पहुंचे।

उन्होंने स्वजन को भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाएगी और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने कहा कि इस संबंध में मीरां साहिब पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है और अमृतसर में मजिस्ट्रेट की निगरानी में एक विशेष टीम गठित कर जांच कराई जाएगी।

प्रशासन के आश्वासन के बाद दोपहर को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में जसविंदर सिंह के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया, लेकिन स्वजन ने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। प्रदर्शन के चलते मार्ग पर दोपहर बाद करीब चार बजे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा। जिससे वाहन चालकों व उसमें सवार यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। इस मौके पर हालात को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस को सूचित किए बिना ही एनसीबी ने जसविंदर को हिरासत में लिया, जो चिंताजनक है। वहीं विधायक प्रो. गारू राम भगत ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों से लगातार संपर्क किया जा रहा है और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

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