जिले में एक बार पुन: गो तस्करी का खुलासा हुआ है। सरयपुरा गांव होते हुए जा रहा बिना नंबर की एक पिकअप वैन शुक्रवार की रात कीचड़ में फंस गया। पशु तस्कर उसे निकालने की कोशिश कर रहे थे तभी कुछ गांव वाले जग गए। यह देखकर पशु तस्कर वाहन को छोड़कर भाग निकले।
ग्रामीणों ने उक्त वाहन की जांच पड़ताल की तो उसमें दो गाय तथा तीन सांढ़ लदा पाया। तीनों सांढ़ बेहोशी की हालत में थे। इसे देख कर गांव वालों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर तीनपहाड़ थाना के एसआइ नारद गहलोत घटना स्थल पर पहुंचे और वाहन की जांच पड़ताल की। वाहन से आधार कार्ड, दवा तथा अन्य कागजात बरामद हुआ है।
पुलिस उस आधार कार्ड के सहारे तस्करों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पुलिस ने तीनों सांढ़ का इलाज पशु चिकित्सक से कराया। थाना प्रभारी मृत्युंजय कुमार पांडेय ने बताया पिकअप वैन से मिले कागजात के आधार पर जांच पड़ताल की जा रही है। पशुओं को गोशाला में भेज दिया जाएगा।
पुलिस ने बचने के लिए ग्रामीण सड़क का उपयोग
स्थानीय ग्रामीण का कहना है कि गो तस्कर पुलिस ने बचने के लिए ग्रामीण सड़कों का उपयोग करते हैं। यह सड़क बाबूपुर रेलवे फाटक से हरचंदपुर-ईनायतपुर होते हुए राजमहल की ओर जाती है। हालांकि गो तस्करों ने इन गाय व सांढ़ को कहां लादा यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। कहीं भी सांढ़ की खरीद बिक्री नहीं होती है।
ऐसे में आशंका जतायी जा रही है कि तस्करों ने रात के अंधेरे में सांढ़ को बेहोश कर गाड़ी पर लाद लिया। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में धीरे-धीरे सांढ़ की संख्या घटती जा रही है। पहली बार सांढ़ को बेहोश कर ले जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने अक्सर उक्त पिकअप वैन को रोड में देखे जाने की बात कही है।
पूर्व में भी आते रहे हैं पशु तस्करी के मामले
जिले में पूर्व में भी पशु तस्करी के मामले सामने आ चुके हैं। छह फरवरी 24 को प्रशिक्षु डीएसपी सह तत्कालीन थाना प्रभारी रूपक कुमार सिंह के निर्देश पर बोरियो थाने की पुलिस ने 13 पशु लदे एक पिकअप वैन को जब्त किया तथा चालक पाकुड़ निवासी कैलाश साह को गिरफ्तार किया था। रूपक कुमार सिंह को ग्रामीणों ने पशु तस्करी की सूचना दी थी। इसके बाद उन्होंने वाहनों की जांच पड़ताल शुरू की।
इसी क्रम में मुख्य पथ पर इमलीगाछ के पास पिकअप वैन को पकड़ा गया। इससे पूर्व 18 दिसंबर 2023 को बोआरीजोर इमलीगाछ के पास सड़क हादसे में वृद्धा संझली टुडू की मौत हो गई थी। चालक वाहन छोड़कर भाग गया था। पुलिस जब वहां पहुंची तो पाया कि उक्त वाहन में 16 मवेशी लदा हुआ था।
सभी पशुओं का पैर बांधकर रखा गया था। 17 नवंबर 2022 को मोरंग नदी के पास चार तस्करों को 14 मवेशी के साथ पकड़ा गया था। 12 दिसंबर 2022 की देर रात चसगांवा के पास 32 मवेशियों को जब्त किया गया था।


