भारतीय सीमा से लगभग तीन हजार किलोमीटर दूर ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध हो रहा है। इसका असर जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कालेज अस्पताल के एमआरआई सेवा पर पड़ गया है।
दरअसल, एमआरआई सेवा बंद होने से उपजे हालात को देखते हुए शुक्रवार को रेडियोलॉजी विभाग के एचओडी और हास्पिटल मैनेजर सेंटर पहुंचे। यहां के संचालन ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध हो रहा है। मशीन में हीलियम गैस खत्म हो गई है। लाख प्रयास के बाद भी युद्ध के कारण गैस की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। जिस वजह से सेवा को बंद करना पड़ रहा है।
संचालक के इस जवाब से अधिकारी भी परेशान हैं। वे मामले की जानकारी शनिवार को अस्पताल अधीक्षक डॉ. एचपी दुबे के पास जाएंगे। जिसके बाद सेंटर के बंद होने के वाजिब कारणों की जांच की जाएगी।
निजी सेंटर को आराम से हो रही गैस की आपूर्ति
दूसरी ओर शहर के प्रमुख निजी सेंटर जहां एमआरआई जांच की जाती है, वहां हीलियम गैस को लेकर किसी तरह की परेशानी नहीं है। इन सेंटरों के संचालकों का कहना है कि देश में कहीं भी हीलियम गैंस की कमी नहीं है। जब भी मांग होती है दो घंटे के अंदर गैस उपलब्ध करा दिया जाता है।
यह जांच बेहद जरूरी होता है इसलिए यह कहना कि युद्ध के कारण गैस नहीं मिल रही, सही नहीं है। दूसरी ओर जानकार कहते हैं कि एमआरआई मशीन लगाने वाली कंपनी से समझौता होता है।
एक्ट के अंतर्गत निबंधन किया जाता है। जिसके बाद कंपनी जो मशीन देती है या दूसरी कंपनी जहां पंजीयन किया जाता है, वह गैस उपलब्ध कराती है। फंड बकाया रहने पर गैस की आपूर्ति कंपनी नहीं करती है।
रोजाना घूम रहे है मरीज, बाहर जांच में हजारों खर्च
अस्पताल में रोजाना एमआरआई जांच कराने के लिए एक दर्जन से ज्यादा मरीज आ रहे हैं। इसके अलावा अस्पताल में भर्ती मरीजों को भी जांच करानी होती है। पर सेंटर बंद रहने से अस्पताल में भर्ती मरीजों को निजी वाहन से जांच कराने के लिए बाहर जाना पड़ रहा है। ऐसे में जो जांच अस्पताल में चार हजार में हो जाती है उसी के लिए उन्हें बाहर 14 हजार रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।


