चार फाटक ओवरब्रिज हादसे के बाद जेल भेजे गए प्रापर्टी डीलर गोल्डेन साहनी की मनमानी और दबंगई के कई पहलू सामने आ रहे हैं। यातायात पुलिस के रिकार्ड बताते हैं कि आरोपित लंबे समय से सड़क पर नियमों को ताक पर रखकर वाहन चलाने का आदी था।
पिछले एक वर्ष में उसकी फार्च्यूनर गाड़ी का कुल 26 बार चालान हुआ है। इनमें सबसे ज्यादा 19 बार ओवरस्पीडिंग, दो बार डेंजर ड्राइविंग और कई बार नो पार्किंग तथा अन्य नियमों के उल्लंघन के मामले शामिल हैं।
एक साल में 26 चालान, 19 बार ओवरस्पीडिंग, डेंजर ड्राइविंगमें भी कटे चालान
यातायात पुलिस की माने तो गोल्डेन की गाड़ी का चालान सिर्फ गोरखपुर में ही नहीं बल्कि लखनऊ, बाराबंकी,एक्सप्रेस-वे के अलावा दिल्ली में भी हुआ है। मनमानी पार्किंग, काली फिल्म लगाने पर भी कार्रवाई हुई है। लगातार चालान होने के बावजूद आरोपित के व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया।
लखनऊ, बाराबंकी, एक्सप्रेस-वे दिल्ली के अलावा गोरखपुर में कटे चालान
गोल्डेन साहनी को तेज रफ्तार में गाड़ी दौड़ाने और उसका प्रदर्शन करने का शौक था। उसके इंस्टाग्राम अकाउंट पर ऐसी कई रीलें और पोस्ट हैं जिनमें वह काले रंग की गाड़ियों के काफिले के साथ चलता हुआ दिखाई दे रहा है। कई वीडियो में वह सड़क पर स्टंट करते हुए भी नजर आता है। जिस फार्च्यूनर से वह चलता था, वह लखनऊ के कैंट रोड स्थित एफआइ टावर निवासी योगेंद्र के नाम पर पंजीकृत है, जो उसके चाचा बताए जा रहे हैं।


