दुमका में सरकारी जमीन की फर्जी बंदोबस्ती कर उसे बेचने का मामला तूल पकड़ रहा है। जमीन माफिया मिलीभगत से जमीन अपने नाम कराकर ऊंचे दामों पर बिक्री कर रहे हैं।
रविवार को एसडीओ के निर्देश पर अंचलाधिकारी अमर कुमार ने नगर थाना की मदद से दुधानी के महुआडंगाल में नौ बीघा (करीब 180 कट्ठा) सरकारी जमीन पर चल रहे निर्माण कार्य को रोक दिया।
साथ ही जमीन पर दावा करने वाली गुड्डी वर्मा से बंदोबस्ती संबंधी कागजात प्रस्तुत करने को कहा गया। स्थानीय रैयतों ने लंबे समय से इस फर्जीवाड़े का विरोध किया था और प्रशासन को आवेदन भी दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीओ ने जमीन की खरीद-बिक्री और निर्माण पर तत्काल रोक लगा दी है।
1971 की बंदोबस्ती पर सवाल
जानकारी के अनुसार, गुड्डी वर्मा दुधानी की रैयत नहीं है। इसके बावजूद उसने 1971 में जमीन की बंदोबस्ती अपने नाम कराई और बाद में ऊंचे दामों पर बिक्री शुरू कर दी। अधिकारियों का कहना है कि उसे इस जमीन को बेचने का अधिकार कभी नहीं दिया गया।
सीओ कार्यालय ने कई बार गुड्डी वर्मा से बंदोबस्ती संबंधी कागजात मांगे, लेकिन उसने अब तक मूल दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए। आशंका जताई जा रही है कि बंदोबस्ती फर्जी हो सकती है।
खरीदार महिला हुई ठगी का शिकार
गुड्डी वर्मा ने सरस्वती देवी नामक महिला को तीन कट्ठा जमीन 19 लाख रुपये में बेच दी। रविवार को जब वह मकान की ढलाई करा रही थीं, तभी पुलिस ने काम बंद करा दिया।


