बेचैन कर देने वाली गर्मी में मच्छर जनित बीमारियों की शुरुआत हो गई है, जबकि दवा का छिड़काव बस्तियों में नहीं हो रहा है। नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की टीमें गायब हैं। फागिंग जहां हुई भी वहां मच्छरों पर कोई असर नहीं हो रहा है।
कागज पर दौड़ रहीं टीमें
कहीं कचरे के ढेर तो कहीं नालियों के पानी पर उड़ते कीटाणु। घने इलाकों में लोग डेंगू की आशंका से घबराए हैं। आक्रोश पनप रहा है कि उच्चाधिकारी आम जनता की उपेक्षा कर रहे हैं। टीमें कागजों पर तो दौड़ रही हैं लेकिन मुहल्लों से गायब हैं।
राजरूपपुर में फैला बुखार
राजरूपपुर में शिव मंदिर के पास रहने वाले दीपेंद्र कुमार को चार दिन से बुखार है। यहीं नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र वाली गली में शिवकुमारी को बुखार और डेंगू के लक्षण हैं। घर के पास ही नाली जाम है, भतीजे रोहित ने बताया कि मच्छर बहुत हो गए हैं। फागिंग करने कोई नहीं आया। इससे कुछ ही दूरी पर जगमल हाता में फागिंग न होने की शिकायतें हैं। अपार्टमेंट के पास और गली संख्या एक से तीन तक सफाई नियमित न होने के चलते मच्छरों का प्रकोप है।
अशोक नगर में कचरे के ढेर, पनप रहे मच्छर
ऐसा ही हाल नेवादा अशोक नगर में है। टीवी टावर से गंगा नदी तक मुख्य नाले के आसपास गंदगी है। घरों के पास खाली भूखंडों में कचरे के ढेर लगे हैं। इनमें जहां पानी भरा है वहां मच्छर पनप रहे हैं। पत्रकार कालोनी से अर्चना पार्क की ओर बढ़ते ही मुख्य गली में सीवर का पानी बहकर एक खाली भूखंड में इकट्ठा हो रहा है।
उमस बढ़ने से हालात और भी हो सकते हैं खराब
राजू और केसरीलाल ने बताया कि दवा छिड़काव करने वाली टीमें काफी दिनों से नहीं आईं। बुखार से पीड़ित कई लोग हैं। लोगों में घबराहट है कि इसी तरह से अनदेखी और मनमानी होती रही तो गर्मी के साथ उमस बढ़ने पर हालात और भी खराब हो सकते हैं।
फागिंग करने नहीं पहुंच रहीं टीमें
इसके अलावा संगम नगरी के रसूलाबाद, तेलियरगंज और गोविंदपुर मुहल्लों में भी ऐसा ही हाल है। यहां की चिल्ला बस्ती तक में मच्छरों का भयंकर प्रकोप है। वहीं स्थानीय लोगों का आरोप है कि फागिंग करने वाली टीमें नहीं पहुंच रही हैं।
100 वार्ड और 200 कर्मचारी, फिर भी बीमारी
नगर निगम ने अपने 100 वार्ड में एंटी लार्वा का छिड़काव करने के लिए एक-एक कर्मचारी लगाए हैं। इसके अलावा प्रत्येक वार्ड में एक-एक साइकिल माउंटेड मशीन से फागिंग कराए जाने का दावा है। अधिकारी इस पर ज्यादा जोर दे रहे हैं कि फागिंग करते हुए फोटो उनके मोबाइल ग्रुप पर आ जाए, जबकि अधिकांश बस्तियों में इन कर्मचारियों के न पहुंचने से दावे कागजों से बाहर धरातल पर नहीं उतर पा रहे हैं।
बीमारियों का मौसम अभी शुरू नहीं हुआ है फिर भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिन कर्मचारियों को दवा छिड़काव की जिम्मेदारी दी गई है वे रोज अपना काम कर रहे हैं। 60 स्थानों को हाट स्पाट के रूप में चिह्नित किया गया है, शेष अन्य स्थान पर दवा छिड़काव नगर निगम की जिम्मेदारी है।
आनंद कुमार सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी


