फर्रुखाबाद में रिश्वत लेते कानूनगो और दलाल गिरफ्तार, कानपुर कोर्ट ने भेजा जेल

 किसान से खेत की नाप कराने के नाम पर गुरुवार शाम को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेने के मामले में पकड़े गए कानूनगो व सेवानिवृत्त लेखपाल के दलाल पुत्र के खिलाफ एंटी करप्शन के प्रभारी निरीक्षक ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम का निल पर मुकदमा दर्ज कराया और आरोपितों को फतेहगढ़ कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर कानपुर लौट गई। शुक्रवार सुबह दोनों आरोपितों को फतेहगढ़ पुलिस कानपुर लेकर गई। कानपुर में एंटी करप्शन टीम ने आरोपितों को न्यायालय में पेश किया व न्यायालय के आदेश पर दोनों को जेल भेज दिया गया।

नवाबगंज के गांव वीरपुर नादी निवासी सर्वेश शाक्य ने कानपुर की एंटी करप्शन टीम से 26 अप्रैल को तहसील सदर के राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) विमल कुमार श्रीवास्तव की खेत की नाप कराने के लिए रिश्वत मांगने की शिकायत की थी। इस शिकायत पर एंटी करप्शन के प्रभारी निरीक्षक कृष्ण मोहन राय ने टीम के साथ गुरुवार शाम को शहर के मुहल्ला बजरिया में पीएन सक्सेना के आवास में छापा मारा। जनपद फतेहपुर के कोतवाली पश्चिम के मुहल्ला उत्तरी शांतिनगर, महात्मा गांधी डिग्री कालेज के निकट निवासी कानून गो विमल कुमार श्रीवास्तव व मुहल्ला नरकसा स्थित सूरज गार्ड के निकट निवासी सेवानिवृत्त लेखपाल अश्वनी सक्सेना के पुत्र ऋषभ सक्सेना को किसान सर्वेश शाक्य से 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ लिया।

कानून गो जनपद फतेहपुर के थाना थरियांव क्षेत्र के गांव सनगांव पोस्ट बहरामपुर का मूल निवासी है। टीम दोनों आरोपितों को फतेहगढ़ कोतवाली ले गई। वहां पर टीम ने रात 12:30 बजे तक पूछताछ की। उसके बाद प्रभारी निरीक्षक कृष्ण मोहन राय ने दोनों आरोपितों के खिलाफ निल पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम का मुकदमा दर्ज कराया। रात एक बजे टीम दोनों आरोपितों को पुलिस के सिपुर्द कर कानपुर चली गई।

शुक्रवार सुबह 7:25 बजे सिपाही वीरेंद्र सिंह ने दोनों आरोपितों का डा. राममनोहर लोहिया अस्पताल में चिकित्सीय परीक्षण कराया। उसके बाद दारोगा वीर सिंह चार पुलिस कर्मियों के साथ दोनों आरोपितों को कानपुर स्थित एंटी करप्शन थाने ले गए। वहां पर एंटी करप्शन टीम ने दोनों आरोपितों को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम न्यायालय में पेश किया। फतेहगढ़ कोतवाल रणविजय सिंह ने बताया कि एंटी करप्शन टीम के प्रभारी निरीक्षक ने निल पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम का मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे की विवेचना एंटी करप्शन को स्थानांतरित कर दी गई है। कानपुर न्यायालय ने कानून गो व उसके साथी दलाल को जेल भेज दिया है।

किसान से कानून गो मांग रहा था 80 हजार, 30 हजार रुपये में हुआ था सौदा

खेत की नाप कराने के लिए किसान एक वर्ष अधिकारियों से गुहार लगा रहा था। जब कि कानूनगो अपने दलाल के जरिए किसान से 80 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था। बाद में 30 हजार रुपये में सौदा तय हुआ। इस बीच किसान ने एंटी करप्शन टीम को घटना के बारे में अवगत कराया।

गांव वीरपुर नादी निवासी सर्वेश शाक्य ने बताया कि उसका सड़क किनारे 10 बीघा खेत है। इसी खेत के बराबर एक ग्रामीण का चार बीघा खेत था। इस ग्रामीण ने उक्त दूसरे ग्रामीण को अपना खेत बेच दिया था। उसके बाद इस ग्रामीण ने गांव वीरपुर नादी निवासी एक ग्रामीण को चार बीघा खेत बेच दिया। उसका खेत सड़क में चला गया। इस ग्रामीण ने कानून गो को मोटी रकम देकर नाप कराकर अपना खेत उसके खेत में शामिल कर दिया था। जिस पर ग्रामीण ने उसके खेत में कब्जा कर लिया था। वह एक वर्ष से कानून गो आदि अधिकारियों से खेत की नाप कराने की गुहार लगा रहे थे।

इसी माह कानून गो विमल कुमार श्रीवास्तव ने खेत की नाम करने के नाम पर 80 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। विगत सप्ताह उसका कानून गो से 30 हजार रुपये में सौदा हुआ। इसके बाद उन्होंने 26 अप्रैल को कानपुर जाकर एंटी करप्शन थाने में कानून गो व उसके दलाल साथी ऋषभ सक्सेना की रिश्वत मांगने की शिकायत की थी। 30 अप्रैल को टीम ने आने को कहा था। जब टीम ने गुरुवार को आकर उससे संपर्क किया, तब वह 15 हजार रुपये लेकर कानून गो को देने पहुंचा। तभी टीम ने कानून गो व उसके दलाल को गिरफ्तार कर लिया।

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