लुटेरे से भिड़ने वाली बहादुर बेटी अमृता वर्मा को एसएसपी डा. कौस्तुभ ने शुक्रवार को सम्मानित किया। 27 अप्रैल की दोपहर में वारदात कर भाग रहे बदमाशों का पीछा करने के साथ ही अमृता उनसे भिड़ गई थी। उसकी सूझबूझ से जहां बड़ी घटना होने से टल गई वहीं पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 48 घंटे के भीतर घटना का पर्दाफाश किया।
गोला कस्बे में स्थित दुकान का संचालन पिता और पुत्री अमृता वर्मा द्वारा किया जाता है। घटना के दिन दो सहारनपुर के रहने वाले बदमाश रेहान व मेंहदी हसन ग्राहक बनकर दुकान पर पहुंचे और चांदी की अंगूठी देखने लगे। जैसे ही अमृता उन्हें अंगूठी दिखाने लगीं, दोनों ने पास में रखा सोने की झाली का पुड़िया उठाया और भागने का प्रयास किया।
अचानक हुई इस घटना के बावजूद अमृता वर्मा ने घबराने के बजाय अदम्य साहस, धैर्य और सूझबूझ का परिचय दिया। उन्होंने बदमाशों का सामना किया और मेंहदी हसन को पकड़ने का प्रयास किया लेकिन बदमाश धक्का देकर फरार हो गए।
घटना के बाद सक्रिय हुई गोला थाना पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीम ने 48 घंटे क भीतर सहारनपुर व मुजफ्फरनगर जिले के रहने वाले बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की क्षेत्र में सराहना की जा रही है। एसएसपी डा. कौस्तुभ ने अमृता के साहसिक और प्रेरणादायक कार्य की प्रशंसा करते हुए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।


