बुजुर्गों की पेंशन के लिए अब आधार आयु का प्रमाण नहीं होगा। इसके लिए अब शैक्षिक योग्यता के दस्तावेज या परिवार रजिस्टर की प्रति देनी होगी। मार्कशीट व अन्य प्रमाणित दस्तावेजों में दर्ज जन्मतिथि को ही वैध माना जाएगा।
हालांकि जो लाभार्थी पहले से योजना का लाभ उठा रहे हैं उन्हें शैक्षिक दस्तावेज या फिर परिवार रजिस्टर की प्रति देनी की जरूरत नहीं है। उन्हें योजना का लाभ मिलता रहेगा। नया नियम पेंशन योजना के लिए नए आवेदनकर्ताओं के लिए लागू किया गया है।
नए आवेदनकर्ताओं को क्या करना होगा?
जिला समाज कल्याण अधिकारी सतीश कुमार के बताया कि जिले में 15 हजार 800 बुजुर्ग मौजूदा समय में वृद्धा पेंशन योजना का लाभ उठा रहे हैं। नए आवेदनकर्ताओं को पेंशन लिए मार्कशीट या जन्म प्रमाण पत्र का अन्य दस्तावेज देना होगा।
उन्होंने बताया कि वृद्धावस्था पेंशन का लाभ लेने के लिए आवेदन करने वाले जिन आवेदकों ने आयु के प्रमाण लिए आधार कार्ड की छायाप्रति फार्म में लगाई है, उनके फार्म वापस किए जाएंगे। इसके लिए समाज कल्याण विभाग के निदेशक की ओर से पत्र भ जारी हुआ है।
वृद्धा पेंशन के साथ राष्ट्रीय पारिवारिक योजना के आवेदनकर्ताओं को भी अब आधार की जगह पर परिवार रजिस्टर की प्रति या फिर शैक्षिक योग्यता का अंक पत्र या अन्य दस्तावेज देना होगा। आधार कार्ड में अंकित जन्मतिथि को आयु के प्रमाण के रूप में पहले दी जा रही मान्यता को समाप्त कर दिया गया है।
तीन हजार आवेदनकर्ताओं के वापस भेजे जाएंगे फॉर्म
समाज कल्याण विभाग ने जांच के बाद करीब तीन हजार नए आवेदनकर्ताओं के फॉर्म निदेशालय भेजे थे। इन सभी में आयु का प्रमाण के तौर पर आवेदनकर्ताओं ने आधार को ही बनाया है। निदेशालय ने इन आवेदनकों को जिला समाज कल्याण विभाग को वापस भेज दिया है।
विभाग ने आवेदनकर्ताओं को आवेदन वापस भेजने शुरू कर दिए हैं। आधार के स्थान पर शैक्षिक प्रमाण पत्र या परिवार रजिस्टर की छायाप्रति जमा करने के बाद ही उन्हें योजना का लाभ दिया जाएगा।


