राजधानी में चारबाग क्षेत्र में सुबह सात से नौ और रात आठ से 11 बजे तक लखनऊ रेलवे स्टेशन आने वाले यात्रियों को जाम से जूझना पड़ रहा है। वाहनों की लंबी कतारों के कारण यहां जाम की स्थिति बन रही है। इसे देखते हुए रेलवे नया मास्टर प्लान तैयार कर रहा है।
प्रस्तावित मास्टर प्लान के तहत रेल आरक्षण केंद्र से वाहनों को प्रवेश तो मिलेगा, लेकिन उनकी निकासी इस रास्ते से नहीं होगी। उनको आगे दो अन्य रास्तों से निकलने की अनुमति होगी। यातायात पुलिस के साथ बैठक के बाद रेलवे नए मास्टर प्लान को लागू कर सकता है।
लखनऊ रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन 240 से 250 ट्रेनों से एक लाख से अधिक यात्री सफर करते हैं। इसी तरह लखनऊ जंक्शन पर प्रतिदिन 30 से 32 ट्रेनों के यात्री सफर करते हैं। सुबह लखनऊ मेल, कृषक एक्सप्रेस, चित्रकूट एक्सप्रेस, एसी एक्सप्रेस, चंडीगढ़ एक्सप्रेस, बेगमपुरा एक्सप्रेस के समय लखनऊ स्टेशन पर वाहनों की संख्या अधिक रहती है।
यही हाल रात आठ बजे काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस, श्रमजीवी एक्सप्रेस, लखनऊ मेल, चंडीगढ़ सुपरफास्ट, एसी एक्सप्रेस पांच दर्जन ट्रेनों के यात्रियों के लिए आने वाले वाहनों के कारण लखनऊ स्टेशन के सामने रहता है। इस जाम को दूर करने के लिए रेलवे ने तीन वर्ष पहले एकीकृत पार्किंग व्यवस्था लागू की थी, लेकिन यह सफल नहीं हो सकी थी।
अब रेल आरक्षण केंद्र के पास से सिर्फ प्रवेश की व्यवस्था लागू करने की तैयारी की जा रही है। लखनऊ स्टेशन के पोर्टिको एक, पोर्टिको दो और पोर्टिको तीन पर आने वाले वाहनों को गांधी उद्यान के अगल-बगल और लखनऊ जंक्शन के सामने वाली सड़क से चारबाग मेट्रो की तरफ निकासी की व्यवस्था होगी। आरपीएफ और कमर्शियल अनुभाग की टीम ने मिलकर एक संयुक्त सर्वे किया है। इसका डिजाइन आरएलडीए ने तैयार कर लिया है।
सीनियर डीसीएम कुलदीप तिवारी ने बताया कि रेलवे के दोनों रेल मंडलों, मेट्रो और राइट्स ने मिलकर एक ट्रैफिक मास्टर प्लान बनाया है। एक चरण की बैठक नगर निगम, जिला प्रशासन और यातायात पुलिस के साथ हो चुकी है। अब अगले चरण की बैठक के बाद अंतिम रूप से मास्टर प्लान को मंजूरी मिल जाएगी।


