हिंदुस्तान पेट्रोलियम के सीबीजी प्लांट के उप महाप्रबंधक सुधीर गुप्ता और सहायक मुख्य प्रबंधक हर्षित मिश्रा की हत्या के बाद से पुलिस इस मामले की वजह तलाशने में लगी है।
यह बात तो सभी को मालूम है कि नौकरी से निकाले जाने से बौखला कर आरोपित अजय प्रताप ने यह कदम उठाया। लेकिन सवाल इस बात का था कि आरोपित अजय प्रताप कंपनी में ब्लैक लिस्ट होने के बाद भी कंपनी की बोलेरो में बैठकर वह अंदर पहुंचा और बाहर भी निकल गया।
पुलिस ने जब इसका जवाब तलाशने की कोशिश की तो कार में मौजूद कर्मियों और गार्ड के बयान दर्ज किए। जिसमें पता चला कि नौकरी से निकाले जाने के बाद भी वह लगातार प्लांट में आता जाता रहा।
जिन दोनों अधिकारियों की उसने हत्या की, उनसे झगड़ा करना उसका रोज का काम था। इसी कारण उस दिन भी उसे किसी ने रोका या टोका नहीं।
हिरासत में लेकर हो रही है पूछताछ
सीबीजी प्लांट में दोनों अधिकारियों की हत्या के बाद आरोपित अजय प्रताप सिंह को तो जेल भेजा जा चुका है। लेकिन पुलिस इस मामले की तह तक जाने के प्रयास में लगातार जुटी हुई है। इसके चलते पुलिस ने प्लांट के गेट पर ड्यूटी करने वाले गार्ड और आरोपित के साथ कार में बैठकर आए लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।
सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में गार्डों और कर्मियों ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां पुलिस को दी हैं। बताते हैं कि गार्डों और कर्मियों ने बताया कि आरोपित अजय प्रताप सिंह को प्लांट से निकाल दिए जाने के बाद से ही विवाद शुरू हो गए थे। लेकिन आरोपित अजय प्रताप ने प्लांट आना नहीं छोड़ा।
वह कभी भी प्लांट आता और जाता था। उसका रसूख ऐसा था कि कोई उससे कुछ नहीं कहता था। बताते हैं कि वह पहली बार कंपनी की गाड़ी से नहीं आया था, वह अक्सर कंपनियों की गाड़ी से ही आता था। उसका दाेनों अधिकारियों से झगड़ा हुआ करता था। इसे धीरे धीरे लोग सामान्य समझने लगे थे।
बताते हैं कि यह कहा जा रहा है कि उसने गाड़ी को हाईजैक किया था, लेकिन ऐसा भी नहीं है, उसने रास्ते में बड़े आराम से गाड़ी को रोका और उसमें बैठकर आ गया।
लेकिन किसी को यह अंदाजा नहीं था कि वह इस तरह की वारदात कर देगा। हत्या करने के बाद वह जब भागा तब ड्राइवर गाड़ी के पास ही खड़ा था। उस समय जरूर उसने धक्का देकर गाड़ी ली थी। इसके बाद वह फरार हो गया था।
मूविंग कैमरों की वजह से काफी कुछ स्पष्ट
बताते हैं कि जिस कांफ्रेंस हाल में बैठ कर अधिकारी मीटिंग कर रहे थे, उसमें कैमरे नहीं लगे हैं। लेकिन बाहर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं जो मूविंग हैं। इसीलिए जब आरोपित ने पहली गोली हर्षित मिश्रा को मारी तो वहां भगदड़ मच गई।
सुधीर गुप्ता ने भागने का प्रयास किया तो आरोपित ने पीछा कर उनको एक के बाद एक दो गोली मारी। बताते हैं कि मूविंग कैमरा होने के चलते ही घटना काफी हद तक स्पष्ट होती नजर आ रही है। गोली मारने के बाद आरोपित भागा और बाहर खड़ी कार लेकर वह फरार हो गया।


