प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन 2026 के तहत आयोजित आइटी और आइटीईएस सत्र में निवेशकों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। इस दौरान राज्य सरकार ने आइटी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए कई वित्तीय और गैर-वित्तीय प्रोत्साहनों की घोषणा की और मोहाली को टियर-1 आइटी हब के रूप में विकसित करने की योजना दोहराई।
सत्र को संबोधित करते हुए पंजाब डेवलपमेंट कमीशन (पीडीसी) की वाइस चेयरपर्सन सीमा बंसल ने कहा कि मोहाली को आइटी क्षेत्र में अग्रणी शहर बनाने के लिए प्रशासनिक सुधार, अकादमिक संस्थानों के साथ तालमेल और मजबूत बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य के कई विनिर्माण उद्योग अपनी उत्पादन प्रक्रियाओं में एआइ तकनीकों का इस्तेमाल भी शुरू कर चुके हैं।
सत्र के दौरान आयोजित विशेषज्ञ पैनल में इंफोसिस के बिमल दीप सिंह, नेटस्मार्ट्ज के सीईओ मनीपाल धारीवाल, और गुरु नानक देव ग्लोबल यूनिवर्सिटी के चेयरमैन बलजीत सिंह ने विचार साझा किए। सूचना प्रौद्योगिकी के अतिरिक्त मुख्य सचिव धीरेंद्र कुमार तिवाड़ी ने औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति 2026 के तहत आइटी उद्योग को मिलने वाले प्रोत्साहनों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि आइटी और आइटीईएस इकाइयों को 10 से 15 वर्ष तक 75 प्रतिशत शुद्ध एसजीएसटी प्रतिपूर्ति दी जाएगी। इसके साथ ही पांच वर्ष तक प्रति कर्मचारी प्रति माह 5000 रुपये की रोजगार सृजन सब्सिडी भी मिलेगी। निवेशक स्थिर पूंजी निवेश के 20 प्रतिशत तक पूंजी सब्सिडी का लाभ उठा सकते हैं, जिसकी अधिकतम सीमा 10 करोड़ रुपये तय की गई है। इसके अलावा 10 से 15 वर्ष तक बिजली शुल्क पर 100 प्रतिशत छूट देने का भी प्रविधान रखा गया है।
ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) को आकर्षित करने के लिए भी विशेष पैकेज तैयार किया गया है। राज्य सरकार पहले 10 जीसीसी यूनिटों को पांच वर्ष तक प्रति कर्मचारी प्रति माह 7500 रुपये रोजगार सृजन सब्सिडी देगी। इसके अलावा आइटी इकाइयों को प्रति वर्ग फुट सात रुपये और जीसीसी को प्रति वर्ग फुट 10 रुपये किराया सब्सिडी पांच वर्ष तक दी जाएगी, जो कम से कम 100 सीटों पर लागू होगी।
डेटा सेंटरों के लिए स्टांप ड्यूटी में 100 प्रतिशत छूट और मांग के आधार पर दोहरी पावर ग्रिड की सुविधा भी दी जाएगी। गैर-वित्तीय सुविधाओं में निवेशकों को पांच से 45 कार्य दिवस के भीतर समयबद्ध मंजूरी देने का प्रविधान रखा गया है। इसके अलावा सभी आईटी पार्कों को पंजाब अपार्टमेंट एंड प्रॉपर्टी रेगुलेशन एक्ट (पापरा) 1995 से छूट, लचीले सेटबैक नियम और 45 मीटर राइट ऑफ वे वाली सड़कों पर असीमित फ्लोर एरिया रेशियो की अनुमति दी है।


