विवेकानंद यूथ अवॉर्ड चयन प्रक्रिया में अनियमितता का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग की ओर संचालित इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए चयनित सूची से दो युवाओं का नाम हटाने का आरोप लगाया गया है।
इसकी शिकायत पुरस्कार से वंचित युवाओं ने निदेशालय से की है। देवरिया व सलेमपुर के सांसदों ने भी इसे घोर अनियमितता बताते हुए युवा एवं खेल मंत्री को पत्र लिखकर पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित युवाओं को न्याय दिलाने को कहा है।
देवरिया के सांसद शशांक मणि त्रिपाठी व सलेमपुर के सांसद रमाशंकर राजभर ने विभागीय मंत्री को लिए गए पत्र में कहा है कि युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग से संचालित विवेकानंद यूथ अवार्ड 2024-25 के लिए प्रदेश में 10 होनहार युवाओं को सम्मानित करने के लिए निदेशालय को 15 युवाओं का नाम विभिन्न जनपदों से भेजा गया था।
इस सूची में जनपद का रहने वाला देवानंद राय राजभर का नाम सूची में तीसरे स्थान पर था। चयनित युवाओं को अवार्ड के लिए पत्र भेजकर 11 जनवरी को लखनऊ मुख्यालय बुलाया गया, जिसमें चयन सूची में क्रमांक तीन पर शामिल देवानंद व नौ पर अवधेश गुप्ता का भी नाम सूची में नहीं था, जिससे दोनों युवा अवार्ड पाने से वंचित हो गए। जिससे वे काफी निराश हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता साहू विशाल कुमार गुप्ता ने भी निदेशालय से इस अनियमितता के जांच कराने की मांग की है। जिला युवा कल्याण अधिकारी पुनीत कुमार ने बताया कि जो भी त्रुटियां हुई है, वह निदेशालय से हुई है।


