साइबर थाना पुलिस ने आनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी के गैर जनपदीय और गैरप्रांतीय ठगी के गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने छत्तीसगढ़, सीतापुर, बहराइच, सिद्धार्थनगर के 10 आराेपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम ने आरोपितों के पास से चार लैपटाप, दो टैबलेट,26 मोबाइल के अलावा भारी मात्रा में सिम और एटीएम कार्ड आदि बरामद किए हैं।
साइबर क्राइम थाना प्रभारी राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि वर्ष 2025 में साइबर ठगी के दो मामले सामने आए थे। दाेनों मामले की गहनता से जांच की जा रही थी। जांच के दौरान आनलाइन गेमिंग, सट्टेबाजी गिरोह तक पुलिस पहुंची।
पुलिस टीम ने मध्यप्रदेश के छतरपुर के लवकुशनगर के साैरभ सिंह को गिरफ्तार किया। साइबर टीम ने गिरोह के 10 सदस्यों को गिरफ्तार किया। सौरभ सिंह के द्वारा बताए गए पते लखनऊ के बीबीडी रघुनंदन अशियाना डेल हाइट अपार्टमेंट के मामलिक आशुतोष गुप्ता मोबाइल पर बात करने पर प्रापर्टी ब्रोकर कुनाल तक पुलिस पहुंची।
अपार्टमेंट खाली करके गए लोग
कुनाल ने बताया अपार्टमेंट में जो लोग रुके थे, वह खाली करके चले गए। कुनाल ने बताया कि अभिषेक गुप्ता के माध्यम से उसने शुभम उर्फ रजनीश गुप्ता को दो सिमरा चिनहट और कल्याणपुर में कमरा दिलाया। इसके बाद पुलिस टीम ने रजनीश और अभिषेक को गिरफ्तार किया। दोनों के जरिए पुलिस टीम ने एक संदिग्ध लखनऊ के गोमतीनगर के विनय खंड के देव शर्मा के यहां से चार पासबुक, एक एटीमए कार्ड बरामद किया।
पूछताछ में देवशर्मा ने बताया कि एक अज्ञात व्यक्ति ने काल करके दूसरे व्यक्ति को उसका कमरा दिलाया था। कमरे का किरया व एसी के बिल का भुगतान किया जा रहा था। वहीं रजनीश ने बताया कि सभी लोग जेएसके और सोनू भाई पूरा नेटवर्क चलाते हैं। वह लोग लखनऊ में कमरा और खाने पीने का इंतजाम करते हैं। टीम ने आनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी में संलिप्त 10 लोगों को गिरफ्तार किया।
जबकि अन्य साथी फरार हो गए। पूछताछ में आरोपितों ने अपने नाम पता बहराइच के रानीपुर थाने के ग्राम लालापुरवा के जदुवीर सिंह, बहराइच के रानीबाग के आयुष उर्फ हिमांशू, रामधीरज सिंह , लवकुश गुप्ता, लवकुश सिंह, सीतापुर के महमूदाबाद के ग्राम समरदहा के हर्षित सिंह, अर्जुन रावत, सिद्धार्थनगर के नौगढ़ थाने के ग्राम नागवां के अंशुमान पांडेय, बहराइच के रानीपुर के शुभम गुप्ता उर्फ रजनीश, छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के रावल भाटा का गगन साहू बताया।
पुलिस टीम ने आरोपितों के पास से चार लैपटाप, दो टैबलेट, 26 मोबाइल, 42 सिम, छह एटीएम कार्ड व चार पासबुक बरामद कीं। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपितों को जेल भेज दिया गया है। गिरोह के सरगना समेत सात आरोपित फरार हैं। जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
चार टीमें बनाकर फैलाया था ठगी का जाल
चार टीमें बनाकर घटनाओं को अंजाम देते थे। एक टीम द्वारा फर्जी वेबसाइट व गेमिंग एप के जरिए लोगों को लुभावने अवर देकर उनका धन वेबसाइट पर लगवाते थे। दूसरी टीम मोबाइल व सिम कार्ड,एटीएम कार्ड संबंधित पिन व इंटरनेट बैंकिंग आदि की जानकारी डाक के जरिए तीसरी टीम को उपलब्ध कराते थे।
जिन पर पहले से ही एटीएम का पास वार्ड व् सिम के पिन लिखे हाेते थे,जिन्हे तीसरी टीम सेमरा स्थित फ्लैट में रहने वाली चौथी टीम तक पहुुंचाती थी। वही टीम मोबाइल के माध्यम से प्राप्त सिमों व एटीएम कार्ड के जरिए यूपीआई आईडी व बैंक अकाउंट लागिंन करते थे। क्यूआर काेड के माध्यम से आनलाइन गेमिंग का पैसा डिपोजिट कराते थे।
चार वेबसाइटों पर इस तरह होता था खेल
दूसरे नंबर की टीम वाट्सएप ग्रुप व आनलाइन वेबसाइट काबुक, स्पोर्ट 99 वीआईपी, रोलेक्स पैनल बीन, लोटस365 डाट काम, बुक डाट काम आदि वेबसाइट फर्जी बनी थीं। बेवसाइट तीसरी टीम को मोबाइल फोनों में लागिंन करने दिया जाता था। जिसका आईडी पास वर्ड गूगल पासवर्ड मैनेजर के माध्यम से कभी-कभी बदल दिया जाता था।
ठगी का पैसा सीधे वेबसाइटों से लिंक अकाउंट व गेमिंग उपयाेग कर्ताओं से पैसर तीसरी टीम द्वारा क्यूआर कोड से अलग-अलग खातों में लिया जाता था। गेमिंग एप में जीते हुए पैसे लोगों को ठगी से कमाए खातोें से दिए जाते थे।


