दरभंगा में दूध से बदली तकदीर, डेयरी से जुड़कर महिलाओं ने लिखी सफलता की कहानी

दरभंगा जिले में लगभग 50 हजार पशुपालक सुधा डेयरी से जुड़े हैं। इनमें 15 हजार महिलाएं शामिल हैं। डेयरी से जुड़कर हजारों परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और कई महिलाओं ने आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है।

पति के निधन के बाद भी नहीं टूटी मधुबाला की हिम्मत

जाले प्रखंड के दुधैल गांव की महिला समिति की सचिव मधुबाला गर्ग वर्ष 2017 से समिति का संचालन कर रही हैं। उनकी समिति से प्रतिदिन 60 से 70 लीटर दूध संग्रह कर डेयरी को भेजा जाता है। सितंबर-अक्टूबर में यह मात्रा बढ़कर 150 लीटर प्रतिदिन तक पहुंच जाती है।

समिति से मिल रही नियमित आय

मधुबाला गर्ग के पति पवन कुमार गर्ग का वर्ष 2023 में निधन हो गया था। इसके बावजूद उन्होंने समिति का संचालन जारी रखा। समिति के माध्यम से उन्हें औसतन पांच हजार रुपये प्रतिमाह की आय होती है, जिससे उनका जीवनयापन सुचारु रूप से चल रहा है।

एक गाय से शुरू हुआ पूनम देवी का सफर

सदर प्रखंड के लक्ष्मीपुर गांव की पूनम देवी ने वर्ष 2017 में दरभंगा डेयरी से जुड़कर अपने गांव में समिति की शुरुआत की। उस समय उनकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी। करीब एक बीघा जमीन और एक गाय के सहारे परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल था।

डेयरी से जुड़कर बदली आर्थिक स्थिति

दरभंगा डेयरी से जुड़ने के बाद पूनम देवी की आय में लगातार वृद्धि हुई। वर्तमान में उनकी समिति से प्रतिदिन 50 से 60 लीटर दूध डेयरी को भेजा जाता है। सितंबर-अक्टूबर में यह मात्रा 100 लीटर प्रतिदिन से अधिक हो जाती है। समिति से उन्हें चार से पांच हजार रुपये प्रतिमाह की आय होती है।

पशुपालन से बढ़ी आमदनी

समिति के साथ-साथ पूनम देवी ने पशुपालन का दायरा भी बढ़ाया। वर्तमान में उनके पास तीन दुधारू मवेशी हैं, जिनसे प्रतिदिन करीब 20 लीटर दूध का उत्पादन होता है। इससे उनकी अतिरिक्त आय सुनिश्चित हो रही है।

दुग्ध सहकारिता से बच्चों का भविष्य संवार रही पूनम

दुग्ध सहकारिता से मिली आय की बदौलत पूनम देवी ने अपने बच्चों की पढ़ाई जारी रखी। उनका बड़ा बेटा विज्ञान संकाय से प्रथम श्रेणी में इंटरमीडिएट उत्तीर्ण कर चुका है, जबकि छोटा बेटा दसवीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा है।

प्रतिदिन 50 हजार लीटर दूध का संग्रहण

मिथिला दूध संघ के तहत संचालित दरभंगा डेयरी जिले में दूध संग्रहण, प्रोसेसिंग और विपणन का कार्य करती है। यहां प्रतिदिन औसतन 50 हजार लीटर दूध का संग्रहण और प्रोसेसिंग किया जाता है।

1.25 लाख लीटर दूध का होता है विपणन

दरभंगा डेयरी प्रतिदिन लगभग 1.25 लाख लीटर दूध का विपणन करती है। इसमें 50 हजार लीटर दूध स्थानीय संग्रहण से मिलता है, जबकि शेष 75 हजार लीटर दूध की आपूर्ति मिथिला दूध संघ की समस्तीपुर इकाई द्वारा की जाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *