महाराष्ट्र में जनगणना 2027 की शुरूआत शुक्रवार को हो गई। इसमें घरों का डेटा, जिसमें उनकी संपत्ति और स्थिति शामिल है, लोग खुद ही दर्ज कर सकेंगे। यह देश की पहली डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें सारी जानकारी स्मार्टफोन पर इकट्ठा की जाएगी।
इसका पहला चरण 1 मई से 14 जून तक चलेगा और इसका मुख्य फोकस घरों की सूची बनाने या उनके बारे में जानकारी इकट्ठा करने पर होगा। वहीं, दूसरा चरण, जो कि जनसंख्या की गिनती और उसकी बनावट पर आधारित होगा, वह अगले साल फरवरी में शुरू होगा।
इसके साथ ही जनगणना 2027 में खुद जानकारी दर्ज करने (सेल्फ-एन्यूमरेशन) का चरण 1 मई से 15 मई तक चलेगा। नागरिकों को इसके लिए प्रोत्साहित किया गया है कि, ताकि वे अपने घर की जानकारी se.census.gov.in पर जाकर दर्ज करें।
खुद दर्ज कर सकते है सारी जानकारी
घर का कोई भी सदस्य यह जानकारी खुद दर्ज कर सकता है और इस पूरी प्रक्रिया सुविधाओं से जुड़े 33 सवाल पूछे जाएंगे ; जिसमें 15-20 मिनट का समय लगेगा। इसके बाद, उन्हें उनकी सेल्फ-एन्यूमरेशन ID (SE ID) उनके रजिस्टर्ड ईमेल या मोबाइल नंबर पर मिल जाएगी। खुद जानकारी दर्ज करने के लिए किसी भी दस्तावेज को अपलोड करने की जरूरत नहीं है।
इसके बाद, जब जनगणना करने वाला कर्मचारी (एन्यूमेरेटर) घर पर आएगा, तो उसे यह SE ID दिखानी होगी, और पुष्टि होने के बाद वह इसे अपलोड कर देगा। जनगणना से जुड़े सभी SMS/OTP में ‘RGICEN’ कीवर्ड के तौर पर लिखा होगा। चाहे किसी घर ने खुद जानकारी दर्ज की हो या नहीं, जनगणना कर्मचारी 16 मई से 14 जून के बीच हर घर में जाकर घरों का डेटा इकट्ठा करेंगे।
सेल्फ-एन्यूमरेशन में हिस्सा लेना अनिवार्य नहीं
महाराष्ट्र की मुख्य जनगणना अधिकारी निरुपमा डांगे ने कहा, “जनगणना के लिए सेल्फ-एन्यूमरेशन में हिस्सा लेना अनिवार्य नहीं है, लेकिन हम जनता से जोरदार अपील करते हैं कि, वे बड़ी संख्या में इसमें हिस्सा लें। जो डेटा इकट्ठा किया जाता है, वह पूरी तरह सुरक्षित है।”
उन्होंने यह भी बताया कि जनगणना से जुड़ी जानकारी गोपनीय होती है और इसका इस्तेमाल किसी पुलिस केस में नहीं किया जा सकता, न ही इसे RTI कानून के तहत मांगा जा सकता है।
बता दें कि, घरों की सूची से जुड़े डेटा के लिए कुल 33 सवालों के जवाब देने होंगे। इनमें घर की दीवारों और छत में इस्तेमाल होने वाला मुख्य मैटीरियल, घर के मुखिया का लिंग, क्या वह SC/ST श्रेणी से संबंधित है, कमरों की संख्या, शादीशुदा जोड़ों की संख्या, पीने के पानी का मुख्य स्रोत, रोशनी और ईंधन का साधन, LPG कनेक्शन की उपलब्धता, और TV या इंटरनेट तक पहुंच जैसी जानकारी शामिल है।
क्या खाते है सबसे ज्यादा, यह भी बताना होगा
इसके साथ ही इसमें एक नया सवाल भी जोड़ा गया है, वह है घर में सबसे ज्यादा खाया जाने वाले अनाज की जानकारी देना। यह पूछे जाने पर कि क्या जनगणना में जातियों का विवरण भी शामिल होगा, डांगे ने कहा, “यह जनसंख्या जनगणना से जुड़ा है, जो फरवरी 2027 में शुरू होगी। इसके लिए दिशानिर्देश केंद्र सरकार की ओर से अभी भेजे जाने बाकी हैं।”
यह पूछे जाने पर कि क्या झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले परिवारों को भी घरेलू आंकड़ों में गिना जाएगा, अधिकारियों ने बताया कि उन्हें शामिल करने के लिए व्यवस्था कर ली गई है।
घरों की सूची बनाने के काम के लिए लगभग 2.6 लाख फील्ड कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि वे मुख्य रूप से शिक्षकों की मदद लेंगे, क्योंकि जनता के बीच उनकी विश्वसनीयता काफी अधिक होती है।


