धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून बनाने की मांग को लेकर शुक्रवार को मलोट के अबुल खुराना गांव स्थित फाजिल्का-दिल्ली हाईवे के टोल प्लाजा पर किसानों ने धरना देकर टोल फ्री करवा दिया। यह धरना दोपहर 12 बजे शुरू हुआ और शाम तक जारी रहा।
यह प्रदर्शन भारतीय किसान यूनियन ऐकता सिद्धूपुर (बीकेयू सिद्धूपुर) के आह्वान पर किया गया। संगठन के नेताओं ने आरोप लगाया कि पटियाला के समाना में चल रहे मोर्चे की प्रशासन द्वारा अनदेखी की जा रही है और प्रदर्शनकारियों को परेशान किया जा रहा है। इसी के विरोध में पूरे पंजाब में टोल प्लाजा फ्री करने का फैसला लिया गया।
14 महीनों से टावर पर बैठे प्रदर्शनकारी
किसान नेताओं ने बताया कि गुरजीत सिंह खालसा पिछले 13-14 महीनों से समाना में 400 फीट ऊंचे टावर पर बैठकर प्रदर्शन कर रहे हैं। 24 फरवरी से बाबा बंदा सिंह बहादर चौक, समाना में मोर्चा जारी है। किसानों का कहना है कि जब तक बेअदबी के मामलों में दोषियों को कड़ी सजा देने के लिए ठोस कानून नहीं बनाया जाता, उनका संघर्ष जारी रहेगा।
धरने के दौरान वाहनों को बिना टोल टैक्स के गुजरने दिया गया। किसानों का दावा है कि इससे टोल कंपनी को दो लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। पुलिस बल मौके पर तैनात रहा, हालांकि स्थिति नियंत्रण में रही।
आम जनता को परेशान नहीं करना चाहते किसान
विवाद तब और गहरा गया जब किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि मोगा से कुछ किसानों को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द रिहाई नहीं हुई तो टोल पूरी तरह टैक्स फ्री रखा जाएगा। किसानों ने कहा कि वे आम जनता को परेशान नहीं करना चाहते, बल्कि सरकार पर आर्थिक दबाव बनाना उनका उद्देश्य है। साथ ही उन्होंने शंभू बॉर्डर से जुड़े मामलों और एमएसपी पर ठोस निर्णय की मांग भी दोहराई।


